बिकरू: पंचायत सचिवालय पर आज भी कुख्यात विकास दुबे का ताला, ग्राम प्रधान ने लिखा डीएम को पत्र
बिकरू के पंचायत भवन में आज भी विकास दुबे का ही कब्जा है। अब ग्राम प्रधान मधु ने डीएम, कानपुर नगर से पंचायत भवन को खाली करवाने के लिए पत्र लिखा है। बता दें कि विकास दुबे इस भवन का इस्तेमाल गेहूं और भूसा रखने में किया करता था।
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बिकरू गांव के पंचायत सचिवालय भवन पर आज भी कुख्यात विकास दुबे का ताला लटक रहा है। इससे कामकाज पर असर पड़ रहा है। यहां की ग्राम प्रधान मधु ने जिलाधिकारी कानपुर नगर को पत्र भेजकर पंचायत सचिवालय से कब्जा खाली कराने की मांग उठाई है। मालूम हो कि पंचायत भवन पर भी विकास दुबे का ताला लटक रहा था। इस पर प्रशासन ने 15 जनवरी 2022 को ताला तोड़कर प्रधान को कब्जा दिलवाया था।
कुख्यात विकास दुबे व उसके साथियों ने तीन जुलाई 2020 को बिकरू गांव में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। इसकी गूंज देश भर में हुई थी। घटना के लगभग 18 महीने बाद 15 जनवरी 2022 को प्रशासन ने पंचायत भवन पर लगा उसका ताला तुड़वाकर कब्जा खाली कराया था। लेकिन पंचायत सचिवालय पर अभी भी ताला लटक रहा है। बताया जा रहा है कि यह ताला विकास दुबे ने डाल रखा था।
जानकारी के मुताबिक पंचायत सचिवालय भवन पूर्व में परिषदीय विद्यालय की बिल्डिंग हुआ करती थी, जिसे विकास दुबे ने निष्प्रयोज्य घोषित कराकर उसका मलबा स्वयं खरीद लिया और सरकारी धन से उसी जगह पर पंचायत सचिवालय का निर्माण करा दिया था। लेकिन इसका इस्तेमाल वह गेहूं व भूसा भरने में किया करता था।
कुख्यात विकास दुबे की मौत के दो साल बाद भी उसकी दहशत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंचायत सचिवालय का ताला खुलवाने कोई आगे नहीं आ रहा है। यहां की ग्राम प्रधान मधु ने जिलाधिकारी नगर को पत्र भेजकर कब्जा खाली कराने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान के पति संजय का कहना है कि दो जुलाई, 2020 से पंचायत सचिवालय बंद पड़ा है। वह शासन प्रशासन को चिट्ठी भेज भेज-भेज कर थक गए हैं, कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।