फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Even if you feel breathless, tired and have no chest pain, it could be a heart attack

Kanpur: सांस फूले, थकान लगे, सीने में न हो दर्द तो भी हो सकता हार्ट अटैक, ये लक्षण हों तो हृदय की जांच करा लें

Tue, 03 Dec 2024 02:55 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 03 Dec 2024 02:55 PM IST
सार

Kanpur News: कार्डियोलॉजी में दो साल में डायबिटिक के पांच हजार रोगियों पर अध्ययन के बाद सामने आया कि सांस फूले, थकान लगे और सीने में न हो दर्द तो भी हार्ट अटैक हो सकता है। ठंड के शुरुआती दिनों में 40 फीसदी रोगी बढ़ जाते हैं।

विज्ञापन
Even if you feel breathless, tired and have no chest pain, it could be a heart attack
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

डायबिटीज के रोगियों में हार्ट अटैक के लक्षण सामान्य हृदय रोगियों से अलग होते हैं। खास यह है कि उनको सीने में तेज दर्द नहीं होता, बल्कि अस्थमा अटैक जैसे लक्षण आते हैं। बेतहाशा सांस फूलती है, बहुत ज्यादा थकान लगती है और पसीना आता है। ठंड के शुरुआती मौसम में इस तरह के मरीजों की संख्या 40 फीसदी बढ़ जाती है। एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में दो साल में पांच हजार रोगियों के अध्ययन में यह सार निकला है। इसमें डायबिटीज के युवा, अधेड़ और वृद्ध रोगी शामिल रहे हैं।
विज्ञापन


कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी और ओप़ीडी में डायबिटीज के अधिकांश रोगी बहुत अधिक थकान लगने और सांस फूलने के लक्षण लेकर आए थे। इनमें 80 फीसदी रोगी ये लक्षण उभरने पर पहले निजी डॉक्टरों के पास सांस की दवा लेने गए। वहां जांच के बाद उनको कार्डियोलॉजी में जांच कराने की सलाह दी गई थी। ज्यादातर रोगी ये मानते थे कि हार्ट अटैक की स्थिति आने पर पहले सीने में तेज दर्द होता है। जब कार्डियोलॉजी में जांच कराई गई तो हार्ट अटैक आने की पुष्टि हुई। इनमें 10 फीसदी रोगियों ने सीने में हल्का दर्द बताया जिसे उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन


साल में इतनी बार पत्नी को करें प्यार, दिल रहेगा चंगा और नहीं होगी कलह
विज्ञापन
विज्ञापन

सामान्य से अलग तरह के उभरते हैं लक्षण
डायबिटिक हृदय रोगियों के मामलों का अध्ययन करने वाले सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि डायबिटीज के ज्यादातर रोगियों की मौत का कारण हाई ब्लड शुगर नहीं हार्ट अटैक होता है। इन रोगियों को हार्ट अटैक आने पर सामान्य से अलग तरह के लक्षण उभरते हैं। इनका जानना रोगियों को जरूरी है। लक्षणों में फर्क होने पर रोगी भटक जाता है। वह पहले दूसरी जगह इलाज के लिए जाता है और हृदय रोग विशेषज्ञ के पास देर में आता है। इसी चक्कर में बहुत से रोगी अस्पताल तक पहुंच नहीं पाते। उन्होंने बताया कि जाड़े की शुरुआत में रोगियों की संख्या 40 फीसदी बढ़ जाती है और गर्मी की शुरुआत में 30 फीसदी घट जाती है। ठंड होने पर डायबिटीज रोगी की नसें सिकुड़ती हैं। इनकी अंदरूनी पर्त में खराबी आ जाती है। इससे जल्दी खून का थक्का जम जाता है।

 

इसलिए नहीं होता सीने में दर्द
हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण डायबिटीज के रोगियों के न्यूरो ट्रांसमीटर खराब हो जाते हैं। इससे मैसेजिंग सिस्टम बिगड़ जाता है। हार्ट अटैक के लक्षण आने पर दर्द का मैसेज न्यूरो ट्रांसमीटर की खराबी के कारण मस्तिष्क तक नहीं पहुंचता है। इससे दर्द के संबंध में मस्तिष्क अलर्ट जारी नहीं करता और रोगी को दर्द का पता नहीं चलता।

 

ये लक्षण हों तो हृदय की जांच करा लें
- चक्कर आए या अचानक गिर पड़ें
- थकान इतनी अधिक लगे कि खड़े रहने में दिक्कत हो
- सीने में लगे गैस भरी है, छाती में भारीपन लगे
- बिना शारीरिक श्रम के बहुत तेज हंफनी आने लगे
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed