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सीएम योगी के आदेशों के बाद भी गोशाला बनी कब्रगाह, सात गोवंश दफनाए, 5 मरणासन्न

Thu, 21 Nov 2019 07:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 21 Nov 2019 07:47 PM IST
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Even after the order of CM Yogi, Goshala become  graveyard
गोशाला में धूप में गोवंश - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में निराश्रित गोवंश को आश्रय दिए जाने की सरकारी कोशिशों को जिम्मेदार ही आईना दिखा रहे हैं। शासन द्वारा दिए जाने वाले अनुदान में खेल करने के लिए सरकारी आश्रय शाला में रहने वाले निरीह गोवंश बीमारी और उसके बाद मरणासन्न स्थिति में पहुंच रहे हैं। कुछ ऐसी ही तस्वीर गुरुवार को विकास खंड के सिंधौली गांव स्थित गोशाला में उजागर हुई।
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गोशाला के भूसा भंडार में लगी आग की सूचना पर पहुंचे लोगों को गोशाला में सात गोवंश के शव गड्ढे में दफन मिले। नाद में पड़े सूखे भूसे में गोवंश मुंह मार रहे थे। हरा चारा व दाना न मिलने से आठ गोवंश गंभीर हालत में जमीन पर पड़े थे। इनमे से पांच तो मरणासन्न अवस्था में थे। सिंधौली ग्राम पंचायत में 26 बीघा भूमि पर स्थापित निराश्रित पशु व गोवंश आश्रयशाला में गुरुवार सुबह 6 बजे पास में स्थित खेत में काम कर रहे एक किसान को गोशाला से धुआं उठता दिखाई दिया।
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Even after the order of CM Yogi, Goshala become  graveyard
धूप में खड़े भूखे प्यासे गोवंश - फोटो : अमर उजाला
वह गोशाला के पास पहुंचा तो उसका ताला टूटा था और गेट खुला पड़ा था। अंदर अधिकांश गोवंश नदारद थे। किसान ने फोन पर ग्राम प्रधान मनीष कुमार व अन्य किसानों को जानकारी दी। कहा कि गोशाला के गोवंश बाहर निकलकर फसलें चर रही हैं, अंदर भूसे में आग लगी है। इस पर किसान दौड़ कर पहुंचे। देखा तो भूसा भंडार में एक ओर जमीन पर पड़े आधी झाल भूसे में धुआं उठ रहा था।

उन्होंने आग बुझाई। इसके बाद प्रधान के साथ सभी किसान बाहर जाकर खेतों से गोवंशों को गोशाला के अंदर पहुंचाने लगे। प्रधान मनीष कुमार ने बताया कि गोशाला में 77 गोवंश मौजूद थे। अब करीब 65 गोवंश ही रह गए हैं। 12 इधर-उधर हो गए। प्रधान ने कहा कि गांव के एक व्यक्ति ने सुबह तड़के ताला तोड़कर भूसे में आग लगा दी।

 

Even after the order of CM Yogi, Goshala become  graveyard
धूप में खड़े भूखे प्यासे गोवंश - फोटो : अमर उजाला
गोसेवक कक्ष में रखी हुईं दवाइयों को फैला कर दरवाजे खुले छोड़ कर चला गया। इससे गोवंश बाहर निकल गए। घटना की सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी कमालगंज डॉ. रमेश चन्द्र शाक्य, एसडीएम सदर अनिल कुमार, राजस्व निरीक्षक अजय यादव, सचिव सौरभ कुमार, लेखपाल रघुवंश सिंह भी मौके पर पहुंचे।

जेसीबी से खुदाई कराकर दफनाए गए गोवंश 
गोशाला में जमीन पड़े बीमार गोवंशों को ग्रामीणों ने देखा तो 8 गोवंश गंभीर हालत में पड़े थे। इनमें से 5 गोवंश मरणासन्न स्थिति में थे। मरणासन्न में पड़े एक गोवंश की आंख कौए ने चोंच मारकर फोड़ दी। वहीं, कुछ ग्रामीणों की नजर गोशाला में खुदी लंबी नाली जैसे गड्ढे पर पड़ी। पास जाकर देखा तो गड्ढे में गोवंशों की हड्डियां पड़ी थीं। नाली के कुछ भरे हुए हिस्से में ऊपर गोवंश के अवशेष दिख रहे थे।

 
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गोशाला में धूप में गोवंश - फोटो : अमर उजाला
डंडे से मिट्टी हटाने पर जानकारी हुई कि गड्ढे में मृत गोवंश को दफनाया गया है। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि गोशाला का किसी ने गेट तोड़ कर भूसे में आग लगा दी। आग लगाने के मामले की जांच के लिए थानाध्यक्ष को आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्साधिकारी ने बताया है कि पिछले दिनों कुछ गोवंश की मौत हुई थी।

उनका पोस्टमार्टम करने के बाद ही उन्हें दफनाया गया है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि कमजोर से कुछ गोवंश बीमार होकर लेट गए। उनका इलाज चल रहा है। प्रधान से दाना व हरा चारा बढ़ाने के लिए कहा गया है। चारा बोने के लिए बीज दे दिया गया है।
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