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Kanpur News: जो पत्थर दिल भी गुजरेगा उधर से पिघल जाएगा उसकी इक नजर से फोटो
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कानपुर। सूफी संस्था साहेब स्मृति फाउंडेशन के बैनर तले रविवार को जश्न-ए-मौजशाही का आयोजन किया गया। सूफी संत हजरत मंजूर आलम शाह कलंदर मौजशाही की याद में आयोजित कार्यक्रम में चतुर्दश राष्ट्रीय कवि सम्मेलन-मुशायरा नारी तू नारायणी का आयोजन भी हुआ। इसमें अलका मिश्रा का शेर-जो पत्थर दिल भी गुजरेगा उधर से पिघल जाएगा उसकी इक नजर से खूब पसंद किया गया।
सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर हॉल में वैदिक रीति से पूजन के बाद डॉ. आदित्य पांडेय, अजीत तिवारी और मनीष तिवारी आदि ने हुजूर साहेब के चित्र पर माल्यार्पण किया। दिल्ली से आईं डॉ. चित्रा अवस्थी ने नारी तू नारायणी पर व्याख्यान दिया। संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. इरा मिश्रा की पुस्तक चाणक्य सूत्र का सामाजिक दर्शन का विमोचन डॉ. नुसरत मेहंदी ने किया।
दिल्ली से आईं अना दहलवी ने अपना कलाम पेश किया मंजिलों को पाने में एक उम्र लगती है एड़ियां उठाने से कद बड़ा नहीं होता। गोरखपुर की डॉ नुसरत अतीक ने पढ़ा कि नक्श ए अव्वल हूं कोई हर्फ ए गलत तो हूं नहीं, तुम मिटाना चाहते हो तो मिटा कर देख लो। दिल्ली से डॉ. वसीम राशिद, सिया सचदेवा, चांदनी पांडे, रायबरेली की तारा इकबाल ने कलाम पेश किया। अध्यक्षता डॉ. नुसरत ने की। इस मौके पर फारूक जायसी, डॉ. ईशा त्रिपाठी, डॉ. नय्यर जलालपुरी, विपुल मिश्रा, प्रदीप श्रीवास्तव, संचिता मिश्रा डॉ. शैल बाजपेई, प्रभात तिवारी, डॉ. ईशा त्रिपाठी, एचजी औलक, केके तिवारी, डॉ. गौरव दुबे आदि रहे।
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सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर हॉल में वैदिक रीति से पूजन के बाद डॉ. आदित्य पांडेय, अजीत तिवारी और मनीष तिवारी आदि ने हुजूर साहेब के चित्र पर माल्यार्पण किया। दिल्ली से आईं डॉ. चित्रा अवस्थी ने नारी तू नारायणी पर व्याख्यान दिया। संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. इरा मिश्रा की पुस्तक चाणक्य सूत्र का सामाजिक दर्शन का विमोचन डॉ. नुसरत मेहंदी ने किया।
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दिल्ली से आईं अना दहलवी ने अपना कलाम पेश किया मंजिलों को पाने में एक उम्र लगती है एड़ियां उठाने से कद बड़ा नहीं होता। गोरखपुर की डॉ नुसरत अतीक ने पढ़ा कि नक्श ए अव्वल हूं कोई हर्फ ए गलत तो हूं नहीं, तुम मिटाना चाहते हो तो मिटा कर देख लो। दिल्ली से डॉ. वसीम राशिद, सिया सचदेवा, चांदनी पांडे, रायबरेली की तारा इकबाल ने कलाम पेश किया। अध्यक्षता डॉ. नुसरत ने की। इस मौके पर फारूक जायसी, डॉ. ईशा त्रिपाठी, डॉ. नय्यर जलालपुरी, विपुल मिश्रा, प्रदीप श्रीवास्तव, संचिता मिश्रा डॉ. शैल बाजपेई, प्रभात तिवारी, डॉ. ईशा त्रिपाठी, एचजी औलक, केके तिवारी, डॉ. गौरव दुबे आदि रहे।
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