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Kanpur News: ईएसआई पांडुनगर का नाम बदले बिना चला सकता मेडिकल कॉलेज

Sat, 01 Nov 2025 01:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 01:42 AM IST
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ESI can run medical college without changing the name of Pandunagar
कानपुर। ईएसआई अगर अपना पांडुनगर हॉस्पिटल दे दे तो जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज इसका नाम बदले बिना इसे संचालित करेगा। इससे ईएसआई पांडुनगर का करोड़ों बजट से बना भवन खराब होने से बचेगा। जीएसवीएम को हॉस्पिटल और हॉस्टल के लिए जगह मिल जाएगी। शुक्रवार को चिकित्सा शिक्षा की मंडलीय बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित घोष के समक्ष यह बात रखी गई।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला के इस प्रस्ताव पर पूछा गया कि इस मामले अड़ंगा क्या है? इस पर बताया गया कि केंद्र ने ईएसआई पांडुनगर का नाम बदले जाने पर एतराज किया। इस पर नाम बदलने का निर्णय लिया गया। अपर मुख्य सचिव ने इस मामले में केंद्र से बात करने के लिए कहा। इसके साथ ही रेडियोलॉजी की जांच को लेकर मामला उठा। अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। इस पर निजी कंपनी के सेंटर से जांच करवाने का प्रस्ताव रखा गया।
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न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने इस संबंध में कई स्थानों की नजीर पेश की। उन्होंने कहा कि सीटी और एमआरआई की फिल्म निजी कंपनी के सेंटर को भेजी जाती है। कंपनी से संबद्ध रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट बनाकर ऑनलाइन दे देते हैं। कई मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर पूल बनाया जा सकता है। इससे वेटिंग खत्म होगी और सीटी, एमआरआई की जांच 24 घंटे हो सकेगी। इस पर प्रस्ताव बनाकर टेंडर कराने के लिए कहा गया।
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हैलट के बर्न वार्ड के संबंध में कहा गया कि कार्यदायी संस्था से बात करके कमियों को तुरंत करने के लिए कहा जाए। भवन हैंड ओवर किया जाए। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही फायर सेफ्टी कार्य पूरा न होने पर चर्चा हुई। अस्पतालों में डॉक्टरों के ज्वाइन न करने के पीछे कम वेतन वजह बताई गई। इसके साथ ही वेतन के संबंध में बोली लगाकर चयन का सुझाव दिया गया। बोली में जिसका वेतन कम हो, उसे नियुक्त किया जाए।
इसके साथ ही जेके कैंसर में जांचें शुरू करने के लिए कहा गया। निदेशक डॉ. एसएन प्रसाद से पूछा गया कि पैथोलॉजी दोपहर बजे के बाद क्यों बंद होती है। कार्डियोलॉजी में रोगियों की भीड़ अधिक होने पर कहा गया कि रोगियों की हालत स्थिर होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल शिफ्ट कर सकते हैं। आईडीएच के संबंध में भी बात उठी। डॉ. काला ने उपकरणों के लिए बजट और स्टाफ की कमी के संबंध में चर्चा की। इस मौके पर डीजीएमई अपर्णा यू. प्रस्ताव के संबंध में पूछा। बैठक में कार्डियोलॉजी निदेशक डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. उमेश्वर पांडेय, डॉ. सौरभ अग्रवाल आदि रहे।

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हर महीने दवा की डिमांड भेजेगा जीएसवीएम
मंडलीय समीक्षा बैठक में यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के पूरी दवाएं न दे पाने के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि हैलट की दवाओं के मद का आठ करोड़ रुपये काॅरपोरेशन के पास पड़ा है। इस पर कहा गया कि साल की शुरुआत में हर महीने के हिसाब से दवाओं की डिमांड बनाकर काॅरपोरेशन को भेजें। इसके साथ ही एएमसी और सीएमसी पर भी चर्चा की गई।
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