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Kanpur: इंट्रोस्कोपी से पकड़ में आएगी बार-बार खून कम होने की वजह, GSVM में 150 रुपये में होगी जांच

Thu, 14 Mar 2024 11:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 14 Mar 2024 11:39 PM IST
सार

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इंट्रोस्कोपी जांच होने लगी है। इससे छोटी आंत के अंतिम छोर तक की इंट्रोस्कोपी हो जाएगी।

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Enteroscopy will detect the cause of frequent blood loss, test will be done in GSVM for Rs 150
जानकारी देते जीएसवीएम के प्राचार्य डॉ संजय काला, गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ विनय कुमार, डॉ सीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगातार पेट दर्द बने रहने, शरीर में अचानक खून कम होने लगने और अल्ट्रासाउंड, खून जांचें सामान्य आने जैसी तकलीफ से परेशान रोगियों को राहत मिलेगी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इंट्रोस्कोपी जांच होने लगी है। इससे छोटी आंत के अंतिम छोर तक की इंट्रोस्कोपी हो जाएगी। अभी तक छोटी आंत के मुहाने तक ही जांच हो पाती है। निजी क्षेत्र में इस जांच की फीस 20 हजार रुपये है लेकिन हॉस्पिटल में 150 रुपये में जांच हो रही है।

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बिरहाना रोड के रोगी वीरेंद्र जायसवाल (42) की छोटी आंत के अंतिम छोर की जांच की गई। इसे बैलून इंट्रोस्कोपी भी कहते हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला, गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार और डॉ. सीमा द्विवेदी ने गुरुवार को प्रिंसिपल कमेटी रूम में पत्रकारों को बताया कि छोटी आंत की जांच के अभी तक दो तरीके थे। एक इंडोस्कोप और दूसरा कैप्सूल से। इसमें रोगी को कैप्सूल खिलाया जाता है और वह कंप्यूटर पर इमेज भेजता है लेकिन आंत में अवरोध होने पर कैप्सूल अटक जाता है। कभी-कभी इसे सर्जरी से निकालना पड़ता है।
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वहीं, इंडोस्कोप छोटी आंत के मुहाने तक ही जा पाता है। इससे पूरी छोटी आंत देखी जा सकती है। बाॅयोप्सी के लिए सैंपल भी लिया जा सकता है। छोटी आंत की लंबाई लगभग छह मीटर लंबी होती है। जिन जगहों पर उपकरण नहीं जा पाते, इस विधि से अंग को आसानी से देखा जा सकता है। जांच से सही जानकारी मिलती है। रोगी का तत्काल इलाज कर राहत दिलाई जा सकती है।

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