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ईएनटी विभाग : कान बहरे, गला खामोश

Wed, 19 Aug 2026 01:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 19 Aug 2026 01:51 AM IST
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ENT Department: Ears deaf, throat silent
कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार की आस लेकर आने वाले मरीजों का दर्द सुनने व कम करने के लिए ईएनटी विभाग के कान बहरे और गला खामोश हो गया है।उपकरणों के अभाव में प्रतिदिन करीब 50 मरीजाें को रेफर करना पड़ रहा है। जिम्मेदार जल्द सुविधाएं देने की बात कह रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में ईएनटी ओपीडी में प्रतिदिन करीब 170 से 180 मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं। इनमें प्रतिदिन करीब 10 से 12 मरीज ऐसे रहते हैं जिन्हें ऑपरेशन की आवश्यकता रहती है। कॉलेज में ऑपरेशन के लिए आधुनिक ओटी बनकर तैयार है लेकिन जरूरी उपकरण उपलब्ध न होने से यहां ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
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वहीं, कान के सुनने की क्षमता जांचने वाली मशीन भी नहीं है। इसके चलते प्रतिदिन करीब 10 मरीजों को ऑपरेशन व 30 से 35 मरीजों को महज जांच करवाने के लिए कानपुर नगर तक की दौड़ लगानी पड़ती है। ईएनटी सर्जन डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि विभाग की ओर से प्राचार्य से ईएनटी जांच व ऑपरेशन शुरू करवाने के लिए ऑडियोमीटर, टिम्पैनोमीटर, एंडोस्कोपिक सिस्टम, लैरिंगोस्कोप, सक्शन मशीन, इलक्ट्रोकॉटरी, नेजल एंडोस्कोपी व सर्जरी के उपकरणों के लिए मांग पत्र भेजा गया है।
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मजबूरन कानपुर में करानी होगी जांच
सुनाई देना कम हो जाने पर वह मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाने के लिए आए थे। यहां डॉक्टर ने श्रवण क्षमता की जांच करवाने का परामर्श दिया है लेकिन कॉलेज में जांच की सुविधा न होने पर उन्हें कानपुर में जांच करवानी पड़ेगी।- श्याम सिंह, अमराहट
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टॉन्सिल की समस्या के कारण मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आए थे। यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन की जरूरत बताई गई है। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन की सुविधा न होने के चलते उसे कानपुर में ऑपरेशन करवाने की सलाह दी गई है। - अंकित, मैथा

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बयान....
मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है। ईएनटी ऑपरेशन के लिए आधुनिक ओटी बनकर तैयार हो चुकी है। बजट मिलते ही उपकरणों की खरीद कर महत्वपूर्ण जांचें व ऑपरेशन की सुविधा शुरू कराई जाएगी। फैकल्टी की कमी को भी पूरा किया जा रहा है। - डॉ. अंबरीश गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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