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कानपुर: छह साल पहले एनकाउंटर... अब कागजों में मरा विकास दुबे, नगर निगम ने जारी किया मृत्यु प्रमाण-पत्र

Wed, 16 Sep 2026 09:01 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Wed, 16 Sep 2026 09:01 PM IST
सार

Kanpur News: बिकरू कांड के बाद विकास दुबे 10 जुलाई 2020 को मुठभेड़ में मारा गया था। कानपुर नगर निगम जोन-चार की ओर से मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया गया।

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Encounter six years ago... now Vikas Dubey is dead on paper; Municipal Corporation issues death certificate
बिकरू कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आठ पुलिस कर्मियों को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारने वाले दुर्दांत विकास दुबे का 2,256 दिन (करीब छह साल) बाद आखिर कागजों में भी खात्मा हो गया है। उसका मृत्यु प्रमाण-पत्र करीब 11 सितंबर को कानपुर नगर निगम जोन-चार से जारी किया गया। जोनल अधिकारी ने बताया कि विकास का मृत्यु-प्रमाणपत्र कोर्ट की ओर से भेजे गए पते पर रजिस्टर्ड से भेजा गया है। गांव में मृत्यु प्रमाणपत्र पहुंचते ही उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। यूपी पुलिस और एसटीएफ ने बिकरू कांड के बाद 10 जुलाई 2020 को मुठभेड़ के दौरान विकास दुबे को ढेर कर दिया था। हालांकि, वह दस्तावेजों में जिंदा था।
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मौत के बाद उसका मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो सका था। पंचनामा और दाहसंस्कार की पर्ची में उसके पिता का नाम गलत लिख गया था। उसके पिता का नाम रामकुमार दुबे की जगह राजकुमार दुबे दर्ज हो गया था। इस वजह से उसका मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन सका था। विकास दुबे की पत्नी ऋचा ने कई साल विभाग और अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन कुछ नहीं हुआ। उसने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका दाखिल कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की थी।
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इस पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या तलब की। कानपुर के सीएमओ डॉ. हरीदत्त नेमी मामले की जांच करने पोस्टमार्टम हाउस गए। इसके बाद विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो सका। अब वह दस्तावेजों में भी खत्म हो गया है। बीमा पॉलिसी का लाभ नॉमिनी को नहीं मिल पा रहा था। 

 

ऋचा दुबे ने याचिका में कहा था कि दस्तावेजों में विकास दुबे को मृत नहीं माना गया जिससे उसके नाम पर हुई बीमा पॉलिसी का लाभ नॉमिनी को नहीं मिल रहा। विकास के नाम पर जितनी संपत्ति या जमीन थी वह भी उसके वारिसों के नाम पर स्थानांतरित नहीं हो रही है। इससे हर जगह दिक्कत उठानी पड़ रही है।
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जुलाई 2020 में हुआ था बिकरू कांड
दो जुलाई 2020 को चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम के वाहनों को पहले योजना के तहत जेसीबी लगाकर रोका गया। जब पुलिस के जवान अपने वाहनों से उतरकर जेसीबी पार कर विकास दुबे के घर की ओर बढ़े तो विकास दुबे के घर की छत व आसपास के घरों से घेराबंदी कर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस कांड में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की जान गई थी। इसके बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर इस कांड से जुड़े छह अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।

11 सितंबर को विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। इसे कोर्ट की ओर से भेजे गए बिकरू के पते पर रजिस्टर्ड डाक से भेज दिया गया था। - राजेश सिंह, जोनल अधिकारी, जोन-चार, नगर निगम

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