यदि कम पूंजी में अपना काम करने की योजना बना रहे हैं तो इन दिनों जूट के बैग बनाने की यूनिट लगाना बेहतर विकल्प रहेगा। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगने के बाद लोग इसका विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में कम पूंजी में जूट के बैग बनाकर स्वरोजगार अपनाया जा सकता है। लागत भी बहुत अधिक नहीं आनी है। आप भी जानिए कैसे शुरू हो सकता है नया रोजगार।
दो लाख तक का निवेश करना होगा
जूट के बैग बनाने की यूनिट लगाने के लिए करीब दो लाख रुपये का खर्च आएगा। इतने निवेश मात्र से प्रति माह 10 हजार रुपये कमाए जा सकते हैं। हैंडीक्रॉफ्ट विभाग के अधिकारी बताते हैं कि जूट का बैग बनाने के लिए शुरुआत में तीन से पांच मशीनों की जरूरत पड़ेगी। प्रति मशीन करीब 20 हजार रुपये खर्च आएगा। इसके बाद 80 हजार से एक लाख रुपये तक की कार्यशील पूंजी की जरूरत पड़ेगी। अन्य तरह के खर्चों मसलन भाड़ा, मेंटिनेंस, मार्केटिंग आदि पर खर्च के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत पड़ेगी। इतनी राशि से आपका काम शुरू हो जाएगा।
ऐसे करिए धन की व्यवस्था
जूट बैग बनाने के लिए शुरुआत में 30 से 35 हजार रुपये की व्यवस्था होनी चाहिए। बाकी काम सरकार की योजनाएं पूरा करेंगी। जैसे कुल प्रोजेक्ट का 50 फीसदी मुद्रा लोन के जरिये हासिल किया जा सकता है। इसके बाद 25 फीसदी ब्याज मुक्त लोन नेशनल सेंटर फॉर जूट डायवर्सिफिकेशन (एनसीएफडी) से ले सकते हैं। ध्यान रहे कि काम शुरू करने से पहले लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट ठीक तरह से बनी हो, ताकि बैंक या लोन देने वाली संस्था उसमें कमी न निकाल सकें।
ये उत्पाद भी बना सकते हैं
जूट बैग के साथ ही कपड़े या रैक्सीन के शॉपिंग बैग, लेडीज बैग, स्कूल बैग, जेंट्स हैंड बैग, जूट बम्बू फोल्डर भी बना सकते हैं। ये उत्पाद आपके रोजगार को वैराइटी देंगे।