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जेई से गलत व्यवहार पर काट दी बिजली
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कानपुर देहात। अकबरपुर बीआरसी कार्यालय परिसर में स्थिति वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में बिजली बिल का 5.17 लाख रुपया बकाया है। बकाया बिल जमा करने का अनुरोध करने गए जेई से कार्यालय कर्मियों ने सीधे मुंह बात नहीं की। वहीं एक कर्मी गलत तरीके से पेश आया। इस पर जेई ने बिजली काट दी। अब पांच हजार शिक्षकों का जून का वेतन फंस गया है।
बड़े बकाएदारों से राजस्व वसूली का अभियान चलाया जा रहा है। अकबरपुर बीआरसी कार्यालय परिसर में स्थिति वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय का बिल वर्ष 2018 से जमा नहीं हुआ है। 5.17 लाख रुपये राजस्व बकाया होने पर जेई सत्यप्रकाश वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां तीन कर्मी मिले। जेई ने परिचय दिया और बिल बकाया होने की बात कही।
इस पर तीनों कर्मियों ने सही तरीके से बात नहीं की। एक कर्मी ने जेई से ही सवाल जवाब शुरू कर दिए। इस पर लेखाधिकारी कार्यालय की बिजली काट दी गई। अब वेतन बिल तैयार नहीं होने से करीब पांच हजार शिक्षकों का जून का वेतन फंस गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनकी गैर मौजूदगी में वाकया हुआ।
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जेई गलत व्यवहार करने वाले कर्मी का नाम नहीं बता पाए। बकाया भुगतान के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। कंप्यूटर ठप होने से वेतन बिल का काम रुका है। जेई ने बताया कि लेखाधिकारी कार्यालय कर्मियों ने गलत तरीके से बातचीत की। बुधवार से अकबरपुर में अभियान की शुरुआत की गई है। अब तक 17 लाख से अधिक बकाएदारी पर 42 कनेक्शन काटे गए हैं।
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बड़े बकाएदारों से राजस्व वसूली का अभियान चलाया जा रहा है। अकबरपुर बीआरसी कार्यालय परिसर में स्थिति वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय का बिल वर्ष 2018 से जमा नहीं हुआ है। 5.17 लाख रुपये राजस्व बकाया होने पर जेई सत्यप्रकाश वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां तीन कर्मी मिले। जेई ने परिचय दिया और बिल बकाया होने की बात कही।
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इस पर तीनों कर्मियों ने सही तरीके से बात नहीं की। एक कर्मी ने जेई से ही सवाल जवाब शुरू कर दिए। इस पर लेखाधिकारी कार्यालय की बिजली काट दी गई। अब वेतन बिल तैयार नहीं होने से करीब पांच हजार शिक्षकों का जून का वेतन फंस गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनकी गैर मौजूदगी में वाकया हुआ।
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जेई गलत व्यवहार करने वाले कर्मी का नाम नहीं बता पाए। बकाया भुगतान के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। कंप्यूटर ठप होने से वेतन बिल का काम रुका है। जेई ने बताया कि लेखाधिकारी कार्यालय कर्मियों ने गलत तरीके से बातचीत की। बुधवार से अकबरपुर में अभियान की शुरुआत की गई है। अब तक 17 लाख से अधिक बकाएदारी पर 42 कनेक्शन काटे गए हैं।