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27 मई तक चलेगी अर्थदंड माफी योजना, आवेदन सिर्फ पोर्टल से, उद्यमियों के लिए जरूरी जानकारी
Wed, 04 Mar 2020 04:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 04 Mar 2020 04:59 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
राज्य वस्तु एवं सेवाकर (स्टेट जीएसटी) विभाग में लंबित विवादित मामलों के निस्तारण के लिए ब्याज, अर्थदंड माफी योजना-2020 की शुरुआत 27 फरवरी से हो गई है। तीन माह तक योजना का लाभ लिया जा सकता है।
27 मई के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्टेट जीएसटी अफसरों ने बकाया व्यापारियों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। विभाग के संयुक्त आयुक्त केएम मिश्रा ने बताया कि ब्याज माफी योजना के परिणाम स्वरूप व्यापारी का पूरा ध्यान वैट के बकाया से हटकर जीएसटी पर केंद्रित रहेगा।
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27 मई के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्टेट जीएसटी अफसरों ने बकाया व्यापारियों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। विभाग के संयुक्त आयुक्त केएम मिश्रा ने बताया कि ब्याज माफी योजना के परिणाम स्वरूप व्यापारी का पूरा ध्यान वैट के बकाया से हटकर जीएसटी पर केंद्रित रहेगा।
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व्यापारी को उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी। योजना के तहत बकाया धनराशि पर ब्याज और जुर्माने से राहत दी जाएगी। बकाया जमा न करने पर लगाया गया अर्थदंड पूरी तरह माफ होगा। यदि 31 मार्च तक मूल धन और ब्याज की राशि एकमुश्त जमा कर दी जाती है तो ब्याज की माफ न की जाने वाली धनराशि पर पांच फीसदी की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। कम से कम 25 फीसदी एकमुश्त जमा करने पर अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए त्रैमासिक अथवा मासिक किस्त का विकल्प दिया जाएगा।
आवेदन सिर्फ पोर्टल से
ब्याज माफी योजना के लिए आवेदन पत्र केवल विभागीय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। 10 लाख तक बकाया वाले व्यापारियों को कार्यालय स्तर पर सुविधा दी जाएगी।
इस तरह से माफ होगा ब्याज व अर्थदंड
10 लाख तक संपूर्ण बकाया जमा करने पर 75 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
10 लाख से एक करोड़ तक पूरा बकाया जमा करने पर 50 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
एक से पांच करोड़ तक संपूर्ण बकाया जमा करने पर 20 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
पांच करोड़ से अधिक संपूर्ण बकाया जमा करने पर 10 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
आवेदन सिर्फ पोर्टल से
ब्याज माफी योजना के लिए आवेदन पत्र केवल विभागीय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। 10 लाख तक बकाया वाले व्यापारियों को कार्यालय स्तर पर सुविधा दी जाएगी।
इस तरह से माफ होगा ब्याज व अर्थदंड
10 लाख तक संपूर्ण बकाया जमा करने पर 75 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
10 लाख से एक करोड़ तक पूरा बकाया जमा करने पर 50 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
एक से पांच करोड़ तक संपूर्ण बकाया जमा करने पर 20 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।
पांच करोड़ से अधिक संपूर्ण बकाया जमा करने पर 10 फीसदी ब्याज और 100 फीसदी अर्थदंड माफ।