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Kanpur News: स्कूलों में बनेगा ई-कचरा संग्रह केंद्र
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कानपुर। स्कूलों में अब खराब मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, कैलकुलेटर, की-बोर्ड समेत अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा किए जाएंगे। इसके लिए विद्यालयों में ई-कचरा संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे। विद्यार्थियों को घर में ई-कचरे की पहचान करने और अभिभावकों की सहमति से उसे स्कूल तक लाने के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए जाएंगे।
बीएसए हरिओम सिंह ने बताया कि इस संबंध में निर्देश मिले हैं। विद्यालयों में एकत्र ई-कचरे को सुरक्षित और सूखे कंटेनर में रखा जाएगा। बाद में इसे अधिकृत रिसाइक्लर या प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी ऑर्गनाइजेशन (पीआरओ) के माध्यम से निस्तारित कराया जाएगा। क्षतिग्रस्त लिथियम-आयन बैटरी, रिसाव वाले सेल और खतरनाक सामान को बच्चे खुद नहीं खोल सकेंगे। इन्हें अधिकृत एजेंसी को दिया जाएगा। अभियान का तैयारी चरण 30 सितंबर तक चलेगा। संग्रह व निस्तारण दो से 31 अक्तूबर तक होगा। दो अक्तूबर को स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाएगा।
चार रंग के डिब्बों में अलग होगा कचरा
स्कूलों में कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने के लिए चार रंग के डिब्बे रखे जाएंगे। हरे डिब्बे में गीला, नीले में सूखा, लाल में स्वच्छता अपशिष्ट और काले डिब्बे में विशेष देखभाल वाले कचरे को रखा जाएगा। गीले कचरे में भोजन और फल-सब्जियों के छिलके, जबकि सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, कांच, रबर और लकड़ी आदि शामिल होंगे। विद्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक के लिए अभियान चलेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल (3आर) की जानकारी दी जाएगी। निबंध, स्लोगन, पेंटिंग, भाषण, प्रश्नोत्तरी और मॉडल निर्माण प्रतियोगिताएं भी होंगी।
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बीएसए हरिओम सिंह ने बताया कि इस संबंध में निर्देश मिले हैं। विद्यालयों में एकत्र ई-कचरे को सुरक्षित और सूखे कंटेनर में रखा जाएगा। बाद में इसे अधिकृत रिसाइक्लर या प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी ऑर्गनाइजेशन (पीआरओ) के माध्यम से निस्तारित कराया जाएगा। क्षतिग्रस्त लिथियम-आयन बैटरी, रिसाव वाले सेल और खतरनाक सामान को बच्चे खुद नहीं खोल सकेंगे। इन्हें अधिकृत एजेंसी को दिया जाएगा। अभियान का तैयारी चरण 30 सितंबर तक चलेगा। संग्रह व निस्तारण दो से 31 अक्तूबर तक होगा। दो अक्तूबर को स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाएगा।
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चार रंग के डिब्बों में अलग होगा कचरा
स्कूलों में कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने के लिए चार रंग के डिब्बे रखे जाएंगे। हरे डिब्बे में गीला, नीले में सूखा, लाल में स्वच्छता अपशिष्ट और काले डिब्बे में विशेष देखभाल वाले कचरे को रखा जाएगा। गीले कचरे में भोजन और फल-सब्जियों के छिलके, जबकि सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, कांच, रबर और लकड़ी आदि शामिल होंगे। विद्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक के लिए अभियान चलेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल (3आर) की जानकारी दी जाएगी। निबंध, स्लोगन, पेंटिंग, भाषण, प्रश्नोत्तरी और मॉडल निर्माण प्रतियोगिताएं भी होंगी।
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