{"_id":"6075ce738ebc3ec4ac0697a1","slug":"duty-of-surveyor-of-irrigation-department-in-panchayat-election-was-not-cut-till-last-breath-pneumonia-died","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव: आखिरी सांस तक नहीं कटी सिंचाई विभाग के सर्वेयर की ड्यूटी, निमोनिया से हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव: आखिरी सांस तक नहीं कटी सिंचाई विभाग के सर्वेयर की ड्यूटी, निमोनिया से हुई मौत
Tue, 13 Apr 2021 10:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 13 Apr 2021 10:44 PM IST
सार
पंचायत चुनाव में लगी ड्यूटी कटवाने के लिए सिंचाई विभाग का एक सर्वेयर अपनी आखिरी सांस तक लड़ता रहा। मंगलवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी निमोनिया से मौत हो गई।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर के यशोदा नगर एन ब्लॉक निवासी सिंचाई विभाग के सर्वेयर राजेंद्र सिंह तोमर की मंगलवार को निमोनिया से मौत हो गई। जिंदा रहते हुए वे चुनावी ड्यूटी कटवाने के लिए रोज ही सीडीओ दफ्तर में विनती करते रहे।
सात अप्रैल से बीमार राजेंद्र को 10 तारीख को भी ड्यूटी के लिए बुलाया गया। उन्होंने बुखार की हालत में ड्यूटी की। इस मामले से जिला प्रशासन की कोविड हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। वे अफसरों के पास जाकर अपनी हालत बताते गए लेकिन ड्यूटी से राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
सात अप्रैल से बीमार राजेंद्र को 10 तारीख को भी ड्यूटी के लिए बुलाया गया। उन्होंने बुखार की हालत में ड्यूटी की। इस मामले से जिला प्रशासन की कोविड हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। वे अफसरों के पास जाकर अपनी हालत बताते गए लेकिन ड्यूटी से राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
10 को ड्यूटी के बाद वे घर पहुंचे तो उनकी सांसें फूलने लगीं। उन्हें सीएल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इसके बाद भी राजेंद्र के पास ड्यूटी के लिए फोन आते रहे। ऐसे में उनके बेटे विश्वजीत सिंह ने सीडीओ ऑफिस में ड्यूटी कटवाने के लिए गुहार लगाई।
वहां सीडीओ के पीए कलीम बाबू ने ड्यूटी काटने से इंकार कर दिया। वे पॉलिटेक्निक ट्रेनिंग सेंटर गए कि शायद कोई सुन लें। वहां से उन्हें डीआईओएस कार्यालय भेजा गया। डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों ने कहा कि ड्यूटी ब्लॉक से कटेगी।
इस बीच विश्वजीत ने इंटरनेट से मोबाइल नंबर निकालकर सीडीओ को भी फोन किया। सीडीओ ने बंगले में आवेदन देने की बात कही। विश्वजीत जब बंगले गए तो वहां पत्र लेने से मना कर दिया गया। इसी भागदौड़ के बीच विश्वजीत को खबर मिली कि उनके पिता अब नहीं रहे।
वहां सीडीओ के पीए कलीम बाबू ने ड्यूटी काटने से इंकार कर दिया। वे पॉलिटेक्निक ट्रेनिंग सेंटर गए कि शायद कोई सुन लें। वहां से उन्हें डीआईओएस कार्यालय भेजा गया। डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों ने कहा कि ड्यूटी ब्लॉक से कटेगी।
इस बीच विश्वजीत ने इंटरनेट से मोबाइल नंबर निकालकर सीडीओ को भी फोन किया। सीडीओ ने बंगले में आवेदन देने की बात कही। विश्वजीत जब बंगले गए तो वहां पत्र लेने से मना कर दिया गया। इसी भागदौड़ के बीच विश्वजीत को खबर मिली कि उनके पिता अब नहीं रहे।