{"_id":"6ac2aeb1d80e0527c20e463c","slug":"due-to-the-change-in-weather-people-are-now-suffering-from-cold-and-cough-kanpur-news-c-220-1-ka21001-149998-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मौसम बदलने से अब लोगों को सता रहा सर्दी-जुकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मौसम बदलने से अब लोगों को सता रहा सर्दी-जुकाम
Mon, 05 Oct 2026 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। जनपद के एक नगरीय व 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। बदलते मौसम में दिन में गर्म और रात में ठंडा होने की वजह से लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। मेले में इलाज के लिए पहुंचने वाले 1777 मरीजों में 115 सर्दी-जुकाम से पीड़ित रहे। सभी की जांच कर जरूरी दवाएं वितरित की गईं।
दिन में तेज धूप और रात में मौसम ठंडा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 819 पुरुष, 685 महिलाएं और 273 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 654 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान 28 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
बुखार से पीड़ित आने वाले 181 मरीजों में 85 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा 158 मरीज पेट व 240 त्वचा रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 57, मधुमेह के 96 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 68 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 37 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मेले में आने वाली 30 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, इसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 14 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं 149 लोगों को तंबाकू छोड़ने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिन में तेज धूप और रात में मौसम ठंडा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 819 पुरुष, 685 महिलाएं और 273 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 654 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान 28 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
विज्ञापन
बुखार से पीड़ित आने वाले 181 मरीजों में 85 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा 158 मरीज पेट व 240 त्वचा रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 57, मधुमेह के 96 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 68 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 37 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मेले में आने वाली 30 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, इसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 14 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं 149 लोगों को तंबाकू छोड़ने की सलाह दी गई।
विज्ञापन