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Kanpur: मेट्रो की लापरवाही से सड़कें हुईं जानलेवा, ढाई साल में भी नहीं बनाई मकड़ीखेड़ा रोड, इनका भी बुरा हाल

Tue, 18 Mar 2025 11:36 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 18 Mar 2025 11:36 AM IST
सार

Kanpur News: यूपीएमआरसी ने साढ़े चार साल पहले कॉरिडोर-1 के तहत आईआईटी से मोतीझील तक मेट्रो निर्माण के लिए मकड़ीखेड़ा रोड में कास्टिंग यार्ड बनाया था। वहां भारी वाहनों के आने-जाने से सड़क जर्जर हो गई है। एक से डेढ़ फीट तक के गड्ढे हैं।

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Due to Metros negligence roads have become deadly Makdikheda road has not built even in two and a half years
मेट्रो की लापरवाही से सड़कें हुईं जानलेवा - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में मेट्रो की लापरवाही शहरवासियों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। सोमवार को जूही हमीरपुर रोड के गड्ढों की वजह से ई-रिक्शा सवार केंद्रीय विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य की मौत हो गई। इससे बदतर हालत मकड़ीखेड़ा रोड की है, जिसे मेट्रो ने कई बार आश्वासन देने के बावजूद नहीं बनवाया। हमीरपुर रोड पर ही गोशाला से नौबस्ता गल्ला मंडी मार्ग पर भी जगह-जगह गड्ढों की वजह से आए दिन हादसे होते रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के ट्रांसपोर्टनगर में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के पास स्थित मिलेट्री कैंप चौराहे से बारादेवी तक व्यस्त मार्ग में दो सौ से ज्यादा गड्ढे हैं। मेट्रो कार्य की वजह से डेढ़ साल से क्षतिग्रस्त इस मार्ग में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। जूही हमीरपुर रोड निवासी प्रताप साहनी, शम्मी पांडेय, कुमुद, राजकुमार रावत, जीतश्याम सैनी आदि ने बताया कि मेट्रो के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। मेट्रो के डिप्टी जीएम पीआर पंचानन मिश्रा ने इस सड़क को जल्द गड्ढामुक्त करने का आश्वासन भी दिया, पर स्थिति बदतर होती जा रही है।

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Due to Metros negligence roads have become deadly Makdikheda road has not built even in two and a half years
मेट्रो की लापरवाही से सड़कें हुईं जानलेवा - फोटो : amar ujala

कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन के आसपास भी सुधार कार्य नहीं
नवरात्र में इस मार्ग से श्रद्धालु सांग लेकर पैदल बारादेवी मंदिर जाते हैं। जवारे भी निकलते हैं। यूपीएमआरसी हमीरपुर रोड पर गोशाला से नौबस्ता गल्ला मंडी के पास तक एलिवेटेड मेट्रो के लिए निर्माण डेढ़ साल से करा रहा है। पर, इस व्यस्त मार्ग पर भी सैकड़ों गड्ढे हैं, जिनकी वजह से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इसी तरह मेट्रो ने निर्माणाधीन कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन के आसपास भी सुधार कार्य नहीं कराए। इस वजह से घंटाघर की तरफ से सेंट्रल स्टेशन जाने और लौटने वाले यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं।

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मेट्रो की लापरवाही से सड़कें हुईं जानलेवा - फोटो : amar ujala

मकड़ीखेड़ा रोड पर हजारों गड्ढे
यूपीएमआरसी ने साढ़े चार साल पहले कॉरिडोर-1 के तहत आईआईटी से मोतीझील तक मेट्रो निर्माण के लिए मकड़ीखेड़ा रोड में कास्टिंग यार्ड बनाया था। वहां भारी वाहनों के आने-जाने से सड़क जर्जर हो गई है। एक से डेढ़ फीट तक के गड्ढे हैं। महापौर प्रमिला पांडेय की समीक्षा बैठक में मेट्रो के अधिकारियों ने इस सड़क को जल्द बनवाने का आश्वासन दिया था। छह महीने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रामा डेंटल कालेज में आने की सूचना पर मेट्रो ने जीटी रोड से इस कालेज के मोड़ तक सड़क रातोंरात बना दी थी, पर वहां से आगे सड़क पर पैचवर्क भी नहीं कराया।

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मेट्रो की लापरवाही से सड़कें हुईं जानलेवा - फोटो : amar ujala

यह कहना गलत है कि मेट्रो के गड्ढों ने जान ले ली, मौत की अन्य वजह भी हो सकती है। मेट्रो लगातार पैचवर्क करा रहा है। मकड़ीखेड़ा रोड अप्रैल में बनवा दी जाएगी।  -पंचानन मिश्रा, डिप्टी जीएम (पीआर), यूपीएमआरसी

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