आम के शौकीनों के लिए बुरी खबर: मौसम की मार से आधी हुई पैदावार, फल की क्वालिटी में कमी, आवक भी कमजोर
इस साल फलों के राजा आम पर मौसम की मार का बड़ा असर देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार 40-50 फीसदी कम पैदावार हुई है। इससे फल की क्वालिटी में कमी आई है, तो फल महंगा बिकने का अनुमान है।
विस्तार
आम की पैदावार पर मौसम की मार से तगड़ा प्रभाव पड़ा है। पहले समय से बरसात न होने और अब भीषण गर्मी की वजह से पिछले साल की तुलना में 40-50 फीसदी कम पैदावार हुई है। अनुमान है कि इस बार आम महंगा बिक सकता है। फल की क्वालिटी भी कमजोर बताई जा रही है। मंडी में तोतापरी और बदामी आम ने दस्तक दे दी है। दशहरी आम के जून तक आने की संभावना है।
कर्नाटक और हैदराबाद से आने वाला तोतापरी और बदामी आम की मांग तेजी से बढ़ी है। मैंगो शेक में सबसे ज्यादा तोतापरी आम की खपत होती है। इन दोनों आम की खासियत यह होती है कि इन्हें लंबे समय तक रखा जा सकता है। इस बार इन दोनों आमों की फसल में मौसम की मार पड़ी है। कारोबारियों ने बताया कि कर्नाटक और हैदराबाद में फसल लगाने के बाद बरसात कम हुई। इससे बौर बहुत अच्छा नहीं आ पाया। फिर गर्मी इतनी तेज हुई की फल बड़ा आकार नहीं ले सका।
इस बार जो आम मंडी आए हैं, वे छोटे हैं। अमूमन एक तोतापरी आम तीन सौ ग्राम का होता है। इनका छिलका मोटा होता है। कारोबारियों के मुताबिक थोक में बदामी आम 95-100 रुपये किलो, जबकि तोतापरी 50-60 रुपये किलो में है। फल अभी कच्चा है। पकने के बाद एक-दो दिन में बाजार में आ जाएगा। वहीं कारोबारियों ने बताया कि दशहरी आम की भी पैदावार इस बार कम है। गर्मी की वजह से कच्चा फल टूटने लगा है।
आम की फसलों पर मौसम की मार पड़ी है। तोतापरी, बदामी आम की फसल कम है। शुरुआत में इन्हीं आमों के सहारे बाजार चलता है। मंडी में आम आना शुरू हुआ है, लेकिन अभी आवक बेहद कम है। - उमेश तोमर, अध्यक्ष, फ्रूट मर्चेंट एसोसिएशन
आमों की फसल कमजोर है। शनिवार को तीन ट्रक तोतापरी और दो ट्रक बदामी आम आया है। एक ट्रक में 10-20 टन माल होता है। तोतापरी 50 से 60 और बदामी 95 से सौ रुपये किलो में बिका। इस बार आम महंगा रहने का अनुमान है। - मोहम्मद तैयब, आम कारोबारी