{"_id":"606879bf8ebc3e58fe369871","slug":"drunkenness-becomes-expensive-in-vande-bharat-the-passenger-landed-on-central","type":"story","status":"publish","title_hn":"वंदेभारत में नशेबाजी पड़ी महंगी, यात्री को सेंट्रल पर उतारा, रिश्तेदारों ने जमानत पर छुड़वाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वंदेभारत में नशेबाजी पड़ी महंगी, यात्री को सेंट्रल पर उतारा, रिश्तेदारों ने जमानत पर छुड़वाया
Sat, 03 Apr 2021 07:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 03 Apr 2021 07:51 PM IST
विज्ञापन
train 18
- फोटो : amar ujala
दिल्ली से वाराणसी जा रही वंदेभारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) के एसी चेयर कार कोच में नशेबाजी करना यात्री राकेश कुमार को महंगा पड़ गया। कंट्रोल की सूचना पर यात्री को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतार लिया गया।
चार घंटे बाद रिश्तेदार आरपीएफ थाने पहुंचे और उसे जमानत पर छुड़वाया। दिल्ली के कालका जी पुरम कॉलोनी निवासी राकेश ने प्रयागराज जाने के लिए सी-13 कोच में रिजर्वेशन कराया था। ट्रेन के चलते ही वह कोच में अजीब सी हरकतें करने लगा।
कोच कंडक्टर ने बताया कि राकेश शराब के नशे में था। ट्रेन के इटावा स्टेशन पार करते ही उसने गालीगलौज शुरू कर दी। कंट्रोल की सूचना पर युवक को कानपुर सेंट्रल पर उतार लिया गया।
विज्ञापन
आरपीएफ प्रभारी पीके ओझा ने बताया कि युवक नशे में था और कोच में हुड़दंग कर रहा था। इसकी वजह से उसे उतार लिया गया। युवक के कई रिश्तेदार कानपुर में रहते हैं। सूचना पर वे थाने आए और जमानत ली। इस कारण उसे करीब चार घंटे बाद छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
चार घंटे बाद रिश्तेदार आरपीएफ थाने पहुंचे और उसे जमानत पर छुड़वाया। दिल्ली के कालका जी पुरम कॉलोनी निवासी राकेश ने प्रयागराज जाने के लिए सी-13 कोच में रिजर्वेशन कराया था। ट्रेन के चलते ही वह कोच में अजीब सी हरकतें करने लगा।
विज्ञापन
कोच कंडक्टर ने बताया कि राकेश शराब के नशे में था। ट्रेन के इटावा स्टेशन पार करते ही उसने गालीगलौज शुरू कर दी। कंट्रोल की सूचना पर युवक को कानपुर सेंट्रल पर उतार लिया गया।
विज्ञापन
आरपीएफ प्रभारी पीके ओझा ने बताया कि युवक नशे में था और कोच में हुड़दंग कर रहा था। इसकी वजह से उसे उतार लिया गया। युवक के कई रिश्तेदार कानपुर में रहते हैं। सूचना पर वे थाने आए और जमानत ली। इस कारण उसे करीब चार घंटे बाद छोड़ दिया गया।