दवा व्यापारी बनाम पार्षद: गजब कमिश्नरी पुलिस! निलंबित हो चुके एसओ ने दर्ज की रिपोर्ट, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: मामले में दोनों ही पक्ष आरोप लगाते रहे हैं कि पुलिस दूसरे पक्ष के दबाव में काम कर रही है। वहीं, निष्पक्ष होने का दावा करने वाली कमिश्नरी पुलिस की एक के बाद एक चूक से उसकी कार्यशली सवालों के घेरे में आ गई है।
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कानपुर के रायपुरवार थाना क्षेत्र में दवा व्यापारी और पार्षद के बीच हुई मारपीट के मामले की जांच कर रही कमिश्नरी पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। पार्षद पति के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के सामने साथियों के साथ किए गए सरेंडर को गुडवर्क दिखाया गया।
इस दौरान गिरफ्तारी करने वाली टीम में निलंबित हो चुके रायपुरवा के एसओ अमान सिंह को शामिल किया गया था। अब पता चला है कि सरेंडर वाली रात करीब साढ़े दस बजे रायपुरवार थाने में ही दर्ज किए गए पार्षद के केस के वक्त भी अमान सिंह को थाना प्रभारी दिखाया गया है।
सौम्या शुक्ला की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अमान सिंह का नाम बतौर थाना प्रभारी दर्ज है। यह तब है, जब अमान सिंह को निलंबित कर उनकी जगह अंकिता वर्मा को थाना प्रभारी नियुक्त किया गया था। वहीं, दिन में पुलिस की ओर से जारी किए गए गिरफ्तारी के गुडवर्क में भी अंकिता को ही रायपुरवा थाना प्रभारी लिखा गया था।
पुलिस की कार्यशैली पर उठा रहे हैं सवाल
जाहिर है, शुरू से ही इस मामले को लेकर लापरवाही बरतने वाली पुलिस का लापरवाही भरा अंदाज अभी भी जारी है। बता दें, इस मामले में शुरू से ही दवा व्यापारी और पार्षद का पक्ष पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। दोनों ही पक्ष आरोप लगाते रहे हैं कि पुलिस दूसरे पक्ष के दबाव में काम कर रही है।
गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर हुआ था विवाद
बता दें कि शनिवार देर रात कार को ओवरटेक करने को लेकर भाजपा पार्षद सौम्या शुक्ला, उनके पति अंकित शुक्ला का हैलट के सामने परफेक्ट सर्जिकल के मालिक अमोल दीप सिंह भाटिया से विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में बीच सड़क पर जमकर लात घूंसे चले।
गंभीर रूप से घायल हो गया था व्यापारी
इसमें अमोल दीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा है। दोनों पक्षों के इस घटना लेकर अपने-अपने तर्क और आरोप हैं। मामले में पार्षद पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने में भी पुलिस ने 18 घंटे का समय लगा दिया।
अमान सिंह निलंबित है। कंप्यूटरीकृत एफआईआर प्रक्रिया में तकनीकी कारणों की वजह से उनका नाम दर्ज है। इसे सही किया जाएगा। -प्रमोद कुमार, डीसीपी सेंट्रल