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कानपुर में तेल कारोबारी के घर पड़ा छापा तो प्रदेश के व्यापारियों में मच गया हड़कंप
Tue, 26 Feb 2019 08:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 26 Feb 2019 08:01 PM IST
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डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) कोलकाता और लखनऊ की टीम ने सोमवार को संयुक्त रूप से कानपुर के वनस्पति ऑयल निर्माता सुनील गुप्ता और सुरेश गुप्ता के सिविल लाइंस स्थित घर पर छापा मारा। अफसरों ने इनके घर से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। कारोबारियों से कई घंटे तक पूछताछ की गई।
सुनील गुप्ता और सुरेश गुप्ता मयूर ब्रांड नाम से वनस्पति ऑयल का उत्पादन करते हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं ये कच्चा माल (वनस्पति ऑयल)थाईलैंड से मंगाते हैं। थाईलैंड से भारत सीधे आयात पर टैक्स की दर अधिक है। इससे बचने के लिए कारोबारियों ने माल मंगाने का रास्ता बदल दिया।
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सुनील गुप्ता और सुरेश गुप्ता मयूर ब्रांड नाम से वनस्पति ऑयल का उत्पादन करते हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं ये कच्चा माल (वनस्पति ऑयल)थाईलैंड से मंगाते हैं। थाईलैंड से भारत सीधे आयात पर टैक्स की दर अधिक है। इससे बचने के लिए कारोबारियों ने माल मंगाने का रास्ता बदल दिया।
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बांग्लादेश के रास्ते भारत की सीमा में प्रवेश करता है
बीते कई सालों से इनका माल थाईलैंड से बांग्लादेश आता है। फिर बांग्लादेश के रास्ते भारत की सीमा में प्रवेश करता है। बांग्लादेश से आयात पर टैक्स की दर कम है। बताते हैं कि पांच माह पूर्व यह मामला पकड़ में आया था। तब डीआरआई की टीम ने चौबेपुर स्थित इनकी फैक्ट्री में छापा मारा था।
छापे के बाद इन्हें समन जारी कर दस्तावेजों के साथ पेश होने को कहा गया था। लेकिन कंपनी की ओर से कोई भी डीआरआई के दफ्तर नहीं पहुंचा। न ही मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इस पर डीआईआर की टीम ने सोमवार को इनके आवास पर छापा मारकर कंपनी के मालिकों से पूछताछ की।
बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए। बताते हैं कि थाईलैंड से वनस्पति ऑयल मंगाकर इनकी फैक्ट्रियों में प्रोसेसिंग के जरिये थोड़ा बदलाव किया जाता है। फिर उसे अपना ब्रांड नाम देकर बाजार में उतारा जाता है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह करोड़ों रुपये की राजस्व चोरी का मामला है। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी।
छापे के बाद इन्हें समन जारी कर दस्तावेजों के साथ पेश होने को कहा गया था। लेकिन कंपनी की ओर से कोई भी डीआरआई के दफ्तर नहीं पहुंचा। न ही मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इस पर डीआईआर की टीम ने सोमवार को इनके आवास पर छापा मारकर कंपनी के मालिकों से पूछताछ की।
बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए। बताते हैं कि थाईलैंड से वनस्पति ऑयल मंगाकर इनकी फैक्ट्रियों में प्रोसेसिंग के जरिये थोड़ा बदलाव किया जाता है। फिर उसे अपना ब्रांड नाम देकर बाजार में उतारा जाता है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह करोड़ों रुपये की राजस्व चोरी का मामला है। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी।