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ग्रीस में भारत का डंका, सुकरात स्मृति सम्मान विजेता डा.रामकृष्ण की किताब ‘रूस में 8 दिन’ छाई
Sat, 15 Jun 2019 08:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 15 Jun 2019 08:47 PM IST
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डॉ. रामकृष्ण राजपूत शहर पहुंचे तो हुआ सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
ग्रीस की राजधानी एथेंस में आयोजित 17वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में सम्मानित होकर लौटे शहर के साहित्यकार यश भारती से सम्मानित डा.रामकृष्ण राजपूत का शनिवार को विभिन्न संस्थाओं की ओर से अभिनंदन किया गया। सम्मेलन में उन्हें हिंदी साहित्य लेखन की उपलब्धियों पर सुकरात स्मृति सम्मान से नवाजा गया। उद्घाटन सत्र पर उनकी पुस्तक रूस में आठ दिन का विमोचन भी हुआ।
इस पुस्तक के लिए उन्हें डा.राजकुमारी साहित्य यात्रा सम्मान दिया गया। एथेंस में 5 से 12 जून तक आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में वहां भारत के राजदूत माता प्रसाद पांडेय व एथेंस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डिमिट्रियस व सिलिडियस ने डा. राजपूत को सम्मानित किया। उन्हें नगद पुरस्कार भी दिया गया।
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इस पुस्तक के लिए उन्हें डा.राजकुमारी साहित्य यात्रा सम्मान दिया गया। एथेंस में 5 से 12 जून तक आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में वहां भारत के राजदूत माता प्रसाद पांडेय व एथेंस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डिमिट्रियस व सिलिडियस ने डा. राजपूत को सम्मानित किया। उन्हें नगद पुरस्कार भी दिया गया।
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हिंदी लेखन में सामाजिक दर्शन को उभारने पर सुकरात स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। डा.राजपूत ने विश्व के तीन महान दार्शनिक सुकरात, प्लेटो और अरस्तू पर शोधपत्र भी प्रस्तुत किया। एथेंस की संस्था हेलेनिक इंटरनेशनल हिंदी व 19 अन्य साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के तत्वावधान में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
मन्नीगंज के पास शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बैंड-बाजे व फूलमालाओं से विभिन्न संस्थाओं की ओर से उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भारत से 36 साहित्यकार गए थे। इनमें उत्तर प्रदेश की ओर से वह अकेले भागीदार रहे। उन्होंने कहा कि ग्रीस देश में हिंदी का अत्यधिक सम्मान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएन कालेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा.राजकुमार सिंह ने की।
मन्नीगंज के पास शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बैंड-बाजे व फूलमालाओं से विभिन्न संस्थाओं की ओर से उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भारत से 36 साहित्यकार गए थे। इनमें उत्तर प्रदेश की ओर से वह अकेले भागीदार रहे। उन्होंने कहा कि ग्रीस देश में हिंदी का अत्यधिक सम्मान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएन कालेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा.राजकुमार सिंह ने की।