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शीर्षासन में विश्व रिकार्ड बनाने वाले डॉ. राकेश चंद्र का निधन, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
Fri, 25 Dec 2020 08:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 25 Dec 2020 08:13 PM IST
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योग चिकित्सक डॉ. राकेश चंद्र सिंह पटेल (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
फतेहपुर के बहुआ गैस गोदाम के पास हादसे में घायल शीर्षासन में विश्व रिकार्ड बनाने वाले योग चिकित्सक डॉ. राकेश चंद्र सिंह पटेल (54) का गुरुवार देर रात निजी अस्पताल में निधन हो गया। गंभीर रूप से घायल बड़ी बेटी का उपचार चल रहा है।
मूलरूप से फतेहपुर के हरियापुर गांव निवासी डॉ. राकेश, पत्नी डॉ. पम्पी पटेल, बेटी डॉ. शालिनी, दोनों बेटे शिवम, सक्षम और डेढ़ माह की नातिन के साथ बाबूपुरवा के बगाही भट्ठा में रहते थे। 23 दिसंबर की सुबह वह अपने गांव से बेटी, बेटों व नातिन के साथ कार से घर लौट रहे थे।
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मूलरूप से फतेहपुर के हरियापुर गांव निवासी डॉ. राकेश, पत्नी डॉ. पम्पी पटेल, बेटी डॉ. शालिनी, दोनों बेटे शिवम, सक्षम और डेढ़ माह की नातिन के साथ बाबूपुरवा के बगाही भट्ठा में रहते थे। 23 दिसंबर की सुबह वह अपने गांव से बेटी, बेटों व नातिन के साथ कार से घर लौट रहे थे।
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गैस गोदाम के पास ट्रक की टक्कर से वह और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। हैलट से परिजन उन्हें नौबस्ता स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनाें ने स्टाफ की कमी और इलाज में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वर्ष 2018 में बनाया था विश्व रिकार्ड
परिजनों ने बताया कि डॉ. राकेश योग चिकित्सक के साथ ही लोकतांत्रिक जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक और उपाध्यक्ष भी थे। उन्होंने 21 जून 2018 को सरदार पटेल योग एंड नेचुरोपैथी मेडिकल इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में तीन घंटे 10 मिनट 11 सेकेंड तक शीर्षासन (सिर के बल खड़े रहना) कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।
इसके अलावा तीन जून 2018 को 11 मिनट 34 सेकेंड तक शलभासन (कमर व पीठ को मजबूत करने व पाचन क्रिया को सुधारने वाला आसन) में रिकार्ड बनाया था। योग में कई अन्य रिकार्ड भी उनके नाम हैं।
वर्ष 2018 में बनाया था विश्व रिकार्ड
परिजनों ने बताया कि डॉ. राकेश योग चिकित्सक के साथ ही लोकतांत्रिक जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक और उपाध्यक्ष भी थे। उन्होंने 21 जून 2018 को सरदार पटेल योग एंड नेचुरोपैथी मेडिकल इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में तीन घंटे 10 मिनट 11 सेकेंड तक शीर्षासन (सिर के बल खड़े रहना) कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।
इसके अलावा तीन जून 2018 को 11 मिनट 34 सेकेंड तक शलभासन (कमर व पीठ को मजबूत करने व पाचन क्रिया को सुधारने वाला आसन) में रिकार्ड बनाया था। योग में कई अन्य रिकार्ड भी उनके नाम हैं।