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डॉ. किरण कन्नौज की प्रिंसिपल बनीं

Fri, 10 Apr 2015 02:41 AM IST
अमर उजाला कानपुर
अमर उजाला कानपुर Updated Fri, 10 Apr 2015 02:41 AM IST
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DR. KIRAN PANDAY became principal of Kannauj
अमर उजाला ब्यूरो
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कानपुर। दूसरे मेडिकल कॉलेजों की मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की मान्यता बचाने की जद्दोजहद में प्रदेश सरकार जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स का लगातार तबादला करती जा रही है। बुधवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के छह डॉक्टरों को अंबेडकर नगर भेजने के बाद शासन ने गुरुवार को छह, डॉक्टर्स का ट्रांसफर कर दिया। सभी को कन्नौज मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। आइएमए अध्यक्ष्ा डॉ. किरन पांडेय को कन्नौज मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बना दिया गया है।
एमसीआई के अचानक कन्नौज मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने की सूचना पर आनन-फानन में इन डॉक्टर्स का ट्रांसफर किया गया। यह अलग बात है कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों की मान्यता बचाने की कोशिश में जुटी सरकार यह भी नहीं देख रही कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स की कितनी कमी हो गई है। यदि एमसीआई का औचक निरीक्षण हो जाए तो जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और पीजी की आधी सीट बचानी भी मुश्किल हाेंगी। अंबेडकर नगर में गुरुवार को एमसीआई का निरीक्षण हुआ। यहां कई डॉक्टर्स की कमी को देखते हुए सरकार ने बुधवार को ही चार्टर्ड प्लेन ने छह डॉक्टरों को भेजा था। इनमें चार एसोसिएट प्रोफेसर और दो संविदा के प्रोफेसर शामिल हैं।  बचे डॉक्टर्स इस खुशफहमी में थे कि अब आगे कोई ट्रांसफर नहीं होगा लेकिन इनकी खुशी गुरुवार सुबह काफूर हो गई। सुबह पांच और डॉक्टरों के तबादले की सूची आ गई। इनका जनहित में कन्नौज मेडिकल कॉलेज तबादला किया गया है। सभी डॉक्टर्स को मेडिकल कॉलेज से रिलीव कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार सुबह इन्हें कन्नौज मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
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इन डॉक्टर्स का हुआ ट्रांसफर
मेडिसिन - डॉ. बीपी प्रियदर्शी, डॉ. इकबाल अहमद, डॉ. मो. अमजारुल।
पैथोलॉजी - डॉ. अनिता ओमहरि। गायनी-डॉ. किरण पांडेय
माइक्रोबायोलॉजी - डॉ. जीसी उपाध्याय (संविदा)।

मेडिसिन विभाग समेत कई विभागों में एक भी प्रो. नहीं
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यहां टीसर्च के 46 फीसदी से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। मेडिसिन समेत कई विभागों में प्रोफेसर नहीं हैं। एसोसिएट प्रोफेसर इक्का-दुक्का बचे हैं। यदि एमसीआई ने सरप्राइज विजिट कर ली तो मान्यता जानी तय है। कई टीचर्स का कन्नौज, जालौन, बांदा, अंबेडकर नगर तबादला कर देने से भी स्थिति खराब हुई है। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि टीचर्स की कम संख्या की सूचना शासन को दे दी है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 21 विभाग हैं। एमबीबीएस की 190 सीटें और पीजी की सीटें हैं। प्रदेश सरकार ने यहां 225 प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद बनाए हैं। एमसीआई के मानकों के मुताबिक इनमें से कम से कम 75 फीसदी टीचर्स होने चाहिए। इस हिसाब से टीचर्स की संख्या कम से कम 172 होनी चाहिए लेकिन बचे हैं सिर्फ 104 टीचर्स। इसके अलावा 26 टीचर्स संविदा पर हैं लेकिन एमसीआई के मानकों में इनकी कोई गिनती नहीं है।
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यह हैं विभाग
एनाटमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फारेंसिक मेडिसिन, कम्युनिटी मेेडिसिन, नेत्र, ईएनटी, रेडियो डायग्नोसिस, डेंटल सर्जन, सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, साइकेट्री, पीडियाट्रिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, टीबी एंड चेस्ट, एनस्थीसिया, मेडिसिन और फार्मेसी।

इन विभागों में नहीं है प्रोफेसर
मेडिसिन, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, फारेंसिक मेडिसिन, ईएनटी, पीडियाट्रिक्स आदि।

तीन डॉक्टरों की सम्बद्धता खत्म
शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कालेज के तीन डॉक्टरों की सम्बद्धता खत्म कर दी है। ये डॉक्टर कन्नौज में तैनात हैं लेकिन इन्हें यहां भी सम्बद्धता मिली थी। इनमें मेडिसिन के डॉ. बृजेश कुमार, एनस्थीसिया के डॉ. अपूर्व अग्रवाल और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. रेनू गुप्ता शामिल हैं। अब ये तीनों कन्नौज मेडिकल कालेज के ही डॉक्टर रहेंगे।


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