{"_id":"eda775d940d7a01c51263c4fb207f068","slug":"dr-arti-lal-chandani-will-take-vrs-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉ. आरती लाल चंदानी लेंगी वीआरएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ. आरती लाल चंदानी लेंगी वीआरएस
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 10 Mar 2015 02:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेंगी। वह जल्द ही महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) के माध्यम से शासन को वीआरएस के लिए पत्र भेजेंगी।
डॉ. चंदानी का कहना है कि लग रहा है कि सरकार को उनकी कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि शासन ने 23 दिसंबर 14 को डॉ. आरती लाल चंदानी को बांदा का कार्यवाहक प्रिंसिपल नियुक्त किया था। 24 दिसंबर 14 को डॉ. आरती लाल चंदानी को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से रिलीव भी कर दिया गया था।
उस समय वह शीतकालीन अवकाश पर थीं। एक जनवरी को शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद डॉ. चंदानी मेडिकल लीव पर चली गईं। 12 जनवरी को उन्होंने फिर मेडिकल के लिए आवेदन कर दिया। उन्होंने शासन में सभी अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन उनका ट्रांसफर नहीं रुका।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट में उन्होंने आठ महीने बाद रिटायरमेंट का आधार बनाया तो सरकार ने मेडिकल कॉलेज के टीचरों की रिटायरमेंट आयु 65 साल कर दी। इसके बाद कोर्ट ने डॉ. चंदानी की याचिका खारिज कर दी। डॉ. चंदानी ने कहा कि वह बांदा नहीं जाएंगी।
मरीजों के हित में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में काम करना चाहती थीं लेकिन सरकार ने उनकी जरूरत नहीं समझी। उन्होंने जनवरी में भी अप्रत्यक्ष रूप से वीआरएस मांगा था। अब वह वीआरएस के लिए आवेदन करेंगी।
विज्ञापन
डॉ. चंदानी का कहना है कि लग रहा है कि सरकार को उनकी कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि शासन ने 23 दिसंबर 14 को डॉ. आरती लाल चंदानी को बांदा का कार्यवाहक प्रिंसिपल नियुक्त किया था। 24 दिसंबर 14 को डॉ. आरती लाल चंदानी को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से रिलीव भी कर दिया गया था।
विज्ञापन
उस समय वह शीतकालीन अवकाश पर थीं। एक जनवरी को शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद डॉ. चंदानी मेडिकल लीव पर चली गईं। 12 जनवरी को उन्होंने फिर मेडिकल के लिए आवेदन कर दिया। उन्होंने शासन में सभी अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन उनका ट्रांसफर नहीं रुका।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट में उन्होंने आठ महीने बाद रिटायरमेंट का आधार बनाया तो सरकार ने मेडिकल कॉलेज के टीचरों की रिटायरमेंट आयु 65 साल कर दी। इसके बाद कोर्ट ने डॉ. चंदानी की याचिका खारिज कर दी। डॉ. चंदानी ने कहा कि वह बांदा नहीं जाएंगी।
मरीजों के हित में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में काम करना चाहती थीं लेकिन सरकार ने उनकी जरूरत नहीं समझी। उन्होंने जनवरी में भी अप्रत्यक्ष रूप से वीआरएस मांगा था। अब वह वीआरएस के लिए आवेदन करेंगी।