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गर्भवती को जीका से बचाव के लिए मुख्यमंत्री के आदेश पालन पर संशय

Thu, 11 Nov 2021 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 12:21 AM IST
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Doubts on following orders of Chief Minister to protect pregnant from Zika
जिला अस्पताल की ओपीडी में अल्ट्रा साउंड कक्ष में लटकता ताला। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। गर्भवती व गर्भस्थ शिशु को जीका वायरस से बचाने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर महीने गर्भवतियों की टेस्टिंग व अल्ट्रासाउंड के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था ठप है। ऐसे में मुख्यमंत्री के आदेश का पालन होने में संशय है।
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बुधवार को मुख्यमंत्री कानपुर नगर में मेट्रो ट्रेन के ट्रायल में शामिल होने आए थे। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीएम ने जीका वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों पर जोर दिया। वहीं जीका से सबसे अधिक खतरा गर्भवती व गर्भस्थ शिशुओं को होने के चलते हर माह टेस्टिंग और अल्ट्रासाउंड करने के निर्देश दिए गए है। लेकिन जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड पर ग्रहण लगा हुआ है।
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बता दें कि जिला महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट पर पूर्व में गर्भवतियों से सौ-सौ रुपये लेकर अल्ट्रासाउंड करने का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद उन्हें अल्ट्रासाउंड से हटाकर रनियां न्यू पीएचसी भेज दिया गया। करीब दो माह से महिला अस्पताल का अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद चल रहा है। आने वाली गर्भवतियों को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने की बात कहकर टाल दिया जाता है। वहीं, पुरुष अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए औरैया के रेडियोलॉजिस्ट को तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है। कई बार वह निर्धारित दिन भी नहीं आते हैं। ऐसे में लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों पर मनमाने दाम चुकाने पड़ते हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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बयान-
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट की वसूली के आरोपों की जांच चल रही है। जबकि पुरुष अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट सिर्फ तीन दिन ही आते हैं। शासन में पत्राचार कर एक नियमित रेडियोलॉजिस्ट तैनात करने की मांग की जाएगी। - डॉ. एके सिंह (सीएमओ)
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एल-टू अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट दो माह से लापता
कानपुर देहात। कोरोना कॉल के दौरान जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एल-टू अस्पताल संचालित किया गया था। जहां पर शासन से एक एमडी व एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई। कोरोना की दूसरी लहर कम होने के चलते छह माह से एल-टू अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। यहां पर तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अभय कुमार दो माह से बिना किसी सूचना के लापता चल रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट के अनुपस्थित रहने पर दो माह का वेतन रोका गया है। कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर लिखापढ़ी की जाएगी। (संवाद)

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फोटो संख्या-10एकेबीपी-06-जनरल वार्ड में बिना चादर के लेटे मरीज।
महिला अस्पताल सुधरा नहीं, पुरुष का मिला चार्ज
कानपुर देहात। जिला महिला अस्पताल की बदहाली दूर नहीं हो सकी और सीएमएस डॉ. वंदना सिंह को पुरुष अस्पताल का अतिरिक्त चार्ज भी दे दिया गया। हालत यह है कि महिला अस्पताल की दोनों लिफ्ट महीनों से खराब पड़ी हैं। ऐसे में गर्भवतियों को प्रसव के लिए सीढ़ी व रैंप से ले जाना मजबूरी होता है। इसी तरह भवन को अब तक फायर, लिफ्ट व पर्यावरण एनओसी तक नहीं मिली है। सौ शैया मेटरनिटी विंग के भवन में कई जगह से लीकेज है और शौचालय व बारिश का पानी टपकता है। इसी तरह अन्य खामियां अब तक दुरुस्त नहीं हो सकी है। वहीं, सीएमएस ने सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाकर जिम्मेदारी पूरी कर दी। बुधवार को पुरुष अस्पताल के जनरल वार्ड के बेडों में चादर तक नहीं डाली गई। कई मरीजों ने अपने घर से लाई गई चादरों को बेड पर डाला। (संवाद)
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