फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Doctors in danger, not injection

खतरे में डॉक्टर, नहीं लगा इंजेक्शन

Sat, 30 Jan 2016 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Sat, 30 Jan 2016 02:57 AM IST
विज्ञापन
Doctors in danger, not injection
स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ खतरे में हैं। उन्हें अब तक स्वाइन फ्लू का इंजेक्शन लगाया ही नहीं गया है। नवंबर में ही इन्हें इंजेक्शन लग जाना चाहिए था लेकिन अब तक यह जिले में भेजी ही नहीं जा सकी है। अब यदि इंजेक्शन लगाया भी जाए तो इसका असर तकरीबन एक महीने बाद ही दिखेगा।
विज्ञापन


पिछले साल स्वाइन फ्लू फैलने के बाद सरकार ने बचाव के लिए मरीजों के इलाज से जुड़े लोगों को पहले ही इंजेक्शन लगाने की घोषणा की थी। जिले से कई बार इंजेक्शन की डिमांड भेजी जा चुकी है लेकिन अब तक इंजेक्शन नहीं मिल सका है।
विज्ञापन


सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने कहा कि डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को बचाव के लिए नवंबर में ही स्वाइन फ्लू के इंजेक्शन लगाए जाने थे। इसके लिए डिमांड भी भेजी जा चुकी है। जल्द ही इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मासूम समेत स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीज मिले
शहर में सात माह के मासूम समेत स्वाइन फ्लू के दो और संदिग्ध मरीज मिले हैं। दोनों के लार के नमूने को जांच के लिए एसजी पीजीआई लखनऊ भेजा गया है। इधर, आईडीएच में काम कर रहे छह जूनियर डॉक्टरों को शुक्रवार टेमी फ्लू दी गई।

टीकरा पैगंबरपुर निवासी दीपक कुमार के सात माह के बेटे आयुष को स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बाद शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। काकादेव निवासी वीएन दीक्षित (73) के भी लार का नमूना जांच को भेजा गया है।

वीएन दीक्षित का इलाज शहर के एक नर्सिंग होम में चल रहा है। सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने बताया कि गुरुवार को भेजे गए बर्रा निवासी यूएम अवस्थी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दो संदिग्ध मरीजों का सैंपल भेजा गया है।

फारिया की हालत गंभीर
संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में भर्ती स्वाइन फ्लू पीड़ित अजीतगंज की फारिया (27) पत्नी मो. नफीस की हालत गंभीर है। उसे शुक्रवार को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। डॉक्टर फारिया की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। फारिया के परिवार के लोगों को टेमी फ्लू दी गई है। यहां, सुखदेई का भी इलाज चल रहा है।


प्राइवेट अस्पताल से आने से मना किया
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने के बाद बर्रा निवासी यूएम अवस्थी को डॉक्टरों ने आईडीएच में भर्ती करने की सलाह दी लेकिन अव्यवस्थाओं को देखते हुए उन्होंने यहां आने से मना कर दिया है। एसजीपीजीआई से यूएम अवस्थी की रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर उनके इलाज पर आगे की रणनीति बनाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed