UP: फैसला सुनने से पहले ही दहेज हत्या का आरोपी डॉक्टर फरार, सीपी को पत्र भेजकर कल तक हाजिर करने के दिए निर्देश
Kanpur News: एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि मुकदमे में अभियुक्त डॉ. सुशील कुमार वर्मा के अधिवक्ता की ओर से कुछ समय में उनके आने की बात कही गई, लेकिन शाम तक डॉ. वर्मा कोर्ट नहीं पहुंचे। न ही उनके अधिवक्ता की ओर से कोई प्रार्थना पत्र ही दिया गया।
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कानपुर में दहेज हत्या के आरोपी डॉ. सुशील कुमार वर्मा के मुकदमे में मंगलवार को अपर जिला जज 14 की अदालत में फैसला आना था। सुबह डॉ. वर्मा कोर्ट पहुंचे लेकिन फैसला सुनाने के लिए जब कोर्ट ने पुकार कराई तो वह हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने डॉ. वर्मा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर 22 मई तक डॉ. वर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।
प्रयागराज के नैनी कॉलोनी निवासी अर्जुन प्रसाद ने बेटी डॉ.मंजू वर्मा की शादी 29 जनवरी 2019 को रायबरेली के आईटीआई कॉलोनी निवासी डॉ. सुशील कुमार वर्मा से की थी। शादी के बाद दोनों कानपुर में बिठूर सिंहपुर रोड स्थित अपार्टमेंट में रहने लगे। 14 मई 2024 को डॉ. मंजू की अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। अर्जुन ने बिठूर थाने में डॉ. सुशील व अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
22 मई तक अभियुक्त को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश
आरोप है कि दहेज में फ्लैट खरीदने के लिए 30 लाख रुपये की मांग पूरी न होने के कारण मंजू को बिल्डिंग की आठवीं मंजिल से फेंक दिया। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि मुकदमे में अभियुक्त डॉ. सुशील कुमार वर्मा के अधिवक्ता की ओर से कुछ समय में उनके आने की बात कही गई, लेकिन शाम तक डॉ. वर्मा कोर्ट नहीं पहुंचे। न ही उनके अधिवक्ता की ओर से कोई प्रार्थना पत्र ही दिया गया। इस पर कोर्ट ने डॉ. वर्मा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर 22 मई तक अभियुक्त को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश जारी किए हैं।