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जिला अस्पताल की ओपीडी से नदारद रहे डॉक्टर
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कानपुर देहात। कोरोना संक्रमण के चलते शासन से डेढ़ माह पहले बंद की गई सर्जरी व सामान्य ओपीडी शुक्रवार को जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई। पहले दिन ही ओपीडी से अधिकांश डॉक्टर नदारद रहे। जिससे दूरदराज ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों को इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं डॉक्टरों के नदारद रहने से मरीजों की जांचें भी नहीं हो सकी।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को दंत, आर्थ्रो व ईएनटी की ओपीडी में डॉक्टर बैठे और मरीजों को परामर्श दिया। अस्पताल में अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं आने से मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं ओपीडी से अनुपस्थित रहे डॉक्टरों का मामला सीएमएस तक पहुंचा तो कुछ चिकित्सकों ने आकस्मिक अवकाश तो कई ने अस्पताल परिसर में ही भ्रमण पर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया। इसके बाद सीएमएस शनिवार से ओपीडी समय में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति का दम भरते नजर आए।
चेस्ट ओपीडी कक्ष का दरवाजा रहा बंद
सुबह 11:30 बजे, जिला चिकित्सालय की चेस्ट ओपीडी कक्ष का दरवाजा निर्धारित समय के साढ़े तीन घंटे बाद भी बंद था और यहां कुंडी लगी मिली। आने वाले मरीज दूर से ही कमरा बंद देख लौट जा रहे थे। जानकारी करने पर पता चला कि डॉ. अवधेश कटियार की इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। इस कारण वह चेस्ट ओपीडी में नहीं बैठ सके।
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फिजीशियन ओपीडी से रहे नदारद
समय : सुबह 11:33 बजे, सामान्य फिजीशियन की नियमित डॉक्टर आराधना व संविदा डॉ. पंकज श्रीवास्तव की तैनाती होने के बावजूद पहले दिन ओपीडी सूनी रही। हालांकि ओपीडी कक्ष को सुबह ही खोल दिया गया था, लेकिन डॉक्टरों के न बैठने से आने वाले मरीज बाहर बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। रसूलाबाद से आए अनिल ने बताया कि रुक-रुककर बुखार आ रहा है, दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं पर डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे।
छुट्टी पर रहे नेत्र ओपीडी के चिकित्सक
समय-सुबह 11:36 बजे, ब्लैक फंगस के चलते नेत्र ओपीडी को मई के आखिरी सप्ताह मेें शुरू किया जा चुका है। इसके बावजूद शुक्रवार को नेत्र रोग की ओपीडी से डॉक्टर आरए मिर्जा अनुपस्थित रहे। मरीजों की संख्या बढ़ने पर सीएमएस से शिकायत की गई तो उन्होंने नेत्र रोग विशेषज्ञ से फोन पर बात की। नेत्र विशेषज्ञ ने बताया कि आकस्मिक कारणों के चलते वह आज अवकाश पर हैं। इस पर भी ओपीडी में दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई। जिससे मरीज परेशान रहे।
ओपीडी छोड़ ऑपरेशन थियेटर पहुंचे डॉक्टर
समय-सुबह 11:40 बजे, डेढ़ माह से बंद सामान्य सर्जरी को भी शुक्रवार से खोला गया है। इसके बावजूद पहले दिन सर्जन डॉ. जसवीर सिंह ओपीडी से नदारद रहे। मौजूद मरीज सुरेश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के लिए वह सुबह नौ बजे ही आए गए थे, लेकिन सर्जन नहीं आए हैं। जानकारी करने पर बताया कि सर्जन ओपीडी छोड़कर ऑपरेशन थियेटर में व्यवस्थाएं दुरुस्त करा रहे हैं। सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए पहले ओपीडी में मरीजों को देखने के निर्देश दिए।
चर्म रोग ओपीडी भी रही बंद
समय-सुबह 11:43 बजे, चर्म रोग विशेषज्ञ के तौर पर पुनर्नियोजन में डॉ. अशोक जतारया को जिला अस्पताल में तैनाती दी गई है। पहले दिन उनकी ओपीडी कक्ष का भी दरवाजा बंद रहा और वह नहीं आए। इससे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ा। मालूम हो कि मई मेें तत्कालीन सीएमएस ने डॉ. अशोक जतारया के कई-कई दिन अनुपस्थिति रहने व रोक के बावजूद रजिस्टर में हाजिरी लगाने की रिपोर्ट डीएम को भेजी थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से वह लगातार मनमानी कर रहे हैं।
ओपीडी के पहले दिन कई डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने की जानकारी मिली है। इस पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए शनिवार को ओपीडी में डॉक्टरों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएगी। - डॉ. राजीव गुप्ता (सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को दंत, आर्थ्रो व ईएनटी की ओपीडी में डॉक्टर बैठे और मरीजों को परामर्श दिया। अस्पताल में अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं आने से मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं ओपीडी से अनुपस्थित रहे डॉक्टरों का मामला सीएमएस तक पहुंचा तो कुछ चिकित्सकों ने आकस्मिक अवकाश तो कई ने अस्पताल परिसर में ही भ्रमण पर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया। इसके बाद सीएमएस शनिवार से ओपीडी समय में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति का दम भरते नजर आए।
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चेस्ट ओपीडी कक्ष का दरवाजा रहा बंद
सुबह 11:30 बजे, जिला चिकित्सालय की चेस्ट ओपीडी कक्ष का दरवाजा निर्धारित समय के साढ़े तीन घंटे बाद भी बंद था और यहां कुंडी लगी मिली। आने वाले मरीज दूर से ही कमरा बंद देख लौट जा रहे थे। जानकारी करने पर पता चला कि डॉ. अवधेश कटियार की इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। इस कारण वह चेस्ट ओपीडी में नहीं बैठ सके।
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फिजीशियन ओपीडी से रहे नदारद
समय : सुबह 11:33 बजे, सामान्य फिजीशियन की नियमित डॉक्टर आराधना व संविदा डॉ. पंकज श्रीवास्तव की तैनाती होने के बावजूद पहले दिन ओपीडी सूनी रही। हालांकि ओपीडी कक्ष को सुबह ही खोल दिया गया था, लेकिन डॉक्टरों के न बैठने से आने वाले मरीज बाहर बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। रसूलाबाद से आए अनिल ने बताया कि रुक-रुककर बुखार आ रहा है, दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं पर डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे।
छुट्टी पर रहे नेत्र ओपीडी के चिकित्सक
समय-सुबह 11:36 बजे, ब्लैक फंगस के चलते नेत्र ओपीडी को मई के आखिरी सप्ताह मेें शुरू किया जा चुका है। इसके बावजूद शुक्रवार को नेत्र रोग की ओपीडी से डॉक्टर आरए मिर्जा अनुपस्थित रहे। मरीजों की संख्या बढ़ने पर सीएमएस से शिकायत की गई तो उन्होंने नेत्र रोग विशेषज्ञ से फोन पर बात की। नेत्र विशेषज्ञ ने बताया कि आकस्मिक कारणों के चलते वह आज अवकाश पर हैं। इस पर भी ओपीडी में दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई। जिससे मरीज परेशान रहे।
ओपीडी छोड़ ऑपरेशन थियेटर पहुंचे डॉक्टर
समय-सुबह 11:40 बजे, डेढ़ माह से बंद सामान्य सर्जरी को भी शुक्रवार से खोला गया है। इसके बावजूद पहले दिन सर्जन डॉ. जसवीर सिंह ओपीडी से नदारद रहे। मौजूद मरीज सुरेश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के लिए वह सुबह नौ बजे ही आए गए थे, लेकिन सर्जन नहीं आए हैं। जानकारी करने पर बताया कि सर्जन ओपीडी छोड़कर ऑपरेशन थियेटर में व्यवस्थाएं दुरुस्त करा रहे हैं। सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए पहले ओपीडी में मरीजों को देखने के निर्देश दिए।
चर्म रोग ओपीडी भी रही बंद
समय-सुबह 11:43 बजे, चर्म रोग विशेषज्ञ के तौर पर पुनर्नियोजन में डॉ. अशोक जतारया को जिला अस्पताल में तैनाती दी गई है। पहले दिन उनकी ओपीडी कक्ष का भी दरवाजा बंद रहा और वह नहीं आए। इससे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ा। मालूम हो कि मई मेें तत्कालीन सीएमएस ने डॉ. अशोक जतारया के कई-कई दिन अनुपस्थिति रहने व रोक के बावजूद रजिस्टर में हाजिरी लगाने की रिपोर्ट डीएम को भेजी थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से वह लगातार मनमानी कर रहे हैं।
ओपीडी के पहले दिन कई डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने की जानकारी मिली है। इस पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए शनिवार को ओपीडी में डॉक्टरों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएगी। - डॉ. राजीव गुप्ता (सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)