फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   dm get angry to see Negligently in kannauj district hospital

'नरक मचा रखा है..लास्ट वार्निंग है, नहीं तो निपट जाओगे’, अस्पताल की हालत देख ऐसा बोले जिलाधिकारी

Sat, 15 Jun 2019 06:02 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 15 Jun 2019 06:02 PM IST
विज्ञापन
dm get angry to see Negligently in kannauj district hospital
रजिस्टर चेक करते डीएम रवींद्र कुमार - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कन्नौज जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर किस तरह से खेल हो रहा है, यह जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने शुक्रवार को आंखों से देख लिया। रक्तदान शिविर के उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
विज्ञापन


एक्स-रे रूम के बाहर लोगों की भीड़ लगी थी। रजिस्टर मंगाकर पड़ताल की तो पता चला कि अभी तक पुरानी रिपोर्ट ही मरीजों को नहीं मिलीं। इस पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सभी टेक्नीशियन को फटकार दिया।
विज्ञापन


महिला डॉक्टर के बाहर से दवा लिखने पर डीएम ने स्पष्टीकरण लेने के निर्देश सीएमएस को दिए हैं। बदइंतजामी पर डीएम बोले, अस्पताल को आप लोगों ने नरक बना रखा है। सुधर जाओ, यह लास्ट वार्निंग है, नहीं तो निपट जाओगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


निरीक्षण के दौरान सबसे पहले डीएम बाल रोग विभाग में पहुंचे। अंदर गर्मी होने पर एसी चेक किया तो ठंडी हवा नहीं आ रही थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। वार्ड में एक और एसी लगवाने के निर्देश सीएमएस यूसी चतुर्वेदी को दिए।

यहां से निकले तो ककवन के रामविलास शिकायत लेकर आ गए। उन्होंने कहा, तीन दिन पहले पत्नी सरोज ने बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची को कानपुर जच्चा-बच्चा अस्पताल रेफर किया गया है। पत्नी तेज बुखार से पीड़ित है। बुधवार से ब्लड टेस्ट कराने के लिए भटक रहे हैं। अभी तक सैंपल नहीं लिया गया।

इस पर डीएम ने सीएमएस से नाराजगी जताई। इसके बाद अस्पतालकर्मी सक्रिय हुए। वह रामविलास को उसकी पत्नी का ब्लड टेस्ट कराने के लिए ले गए। डीएम आगे बढ़े तो कन्नौज ब्लॉक के तिखवा निवासी मुकेश पुत्र रामविलास ने शिकायत की।

इन्होंने बताया कि उन्हें जो दवाएं लिखी गईं, वह जन औषधि केंद्र में नहीं हैं। कई दिनों से कई किमी दूर से आ रहे हैं। दवाएं नहीं मिल रही हैं। इस पर डीएम जन औषधि केंद्र पहुंच गए। यहां 1000 में सिर्फ 500 दवाएं ही मिलीं। उन्होंने इंचार्ज अजीत द्विवेदी को निर्देश दिए कि स्टाक रिपोर्ट इंचार्ज के साथ भेजें। 

एसी रूम में बैठाकर डीएम को भटकाने का हुआ प्रयास 

इसके बाद जिलाधिकारी एक्स-रे रूम में पहुंचे। यहां एक्सरे टेक्नीशियन जितेंद्र शुक्ला, वीके श्रीवास्तव, मुन्नाराम चौधरी, प्रशांत सिंह और डार्क रूम सहायक सीएस गुप्ता मौजूद मिले। डीएम ने लैब टेक्नीशियन से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके पास लगातार शिकायतें आ रही हैं कि एक्स-रे रिपोर्ट देर से दी जा रही है। आरोपी के पक्ष में उसके मनमाफिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पैसे लेकर लोहे के छल्ले रखकर इंजरी दिखाई जा रही है। डीएम के सख्त तेवर देख टेक्नीशियन और अन्य के पसीने छूट गए। 

डीएम यहां से आगे बढ़े, तभी एक मरीज उनके पहुंच गया। उसने कहा कि उन्हें महिला चिकित्सक निधि गोयल ने बाहर से दवा लाने के लिए पर्चा लिखा है। जो दवा लिखी गईं, वह जन औषधि केंद्र में 50 रुपये की हैं। बाहर 160 रुपये की हैं। डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिए कि डॉ. निधि गोयल से स्पष्टीकरण लिया जाए। जरूरत पड़े तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 

जैसे ही एक्स-रे रूम में पहुंचे, सीएमएस के साथ मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें भटकाने का प्रयास किया। उन्हें एसी रूम में ले जाकर अभिलेख दिखाने की बात कही। डीएम रूम तक गए लेकिन बाहर आ गए। उन्होंने कहा कि वह एक्स-रे रूम के बाहर ही जांच करेंगे। डीएम को रजिस्टर में रिपोर्ट की तिथि अंकित मिली। रिपोर्ट दी गई या नहीं, इसका जिक्र नहीं था। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।


एक रजिस्टर में जून महीने की रिपोर्ट दर्ज थी। पुराना रजिस्टर मांगा तो पता चला कि कई महीने से रिपोर्ट संबंधितों को नहीं दी गई। मामला टालने के लिए कहा गया कि पुलिस ही रिपोर्ट लेने नहीं आती है। इस पर डीएम ने कहा, मुझे पता है कि दो टेक्नीशियन ट्रांसफर के बाद फिर से जुगाड़ लगाकर यहीं तैनात हो गए हैं। डीएम ने इन दोनों टेक्नीशियन से कहा कि ईमानदारी से काम करो, नहीं तो निपट जाओगे। 

चिकित्सकों के केबिन के बाहर मरीजों और तीमारदारों को जमीन पर बैठा देख जिलाधिकारी रवींद्र कुमार भड़क गए। सीएमएस यूसी चतुर्वेदी से पूछा कि पांच लाख रुपये रखरखाव का बजट मिलता है, वह कहां जाता। न तो पंखे हैं और न ही लोगों के बैठने के लिए कुर्सी। यह व्यवस्था ठीक नहीं है। उन्होंने सीएमएस को तुरंत पंखे लगवाने और कुर्सी की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। वार्डों में साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की हिदायत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed