फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Diwali 2019, ganesh-laxmi pujan vidhi, Diwali Puja auspicious time

दिवाली 2019: इस मुहूर्त में ही करें गणेश-लक्ष्मी पूजन, वर्षभर होगी धन की बारिश

Sun, 27 Oct 2019 02:13 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 27 Oct 2019 02:13 PM IST
विज्ञापन
Diwali 2019, ganesh-laxmi pujan vidhi, Diwali Puja auspicious time
दिवाली 2019 - फोटो : अमर उजाला
दिवाली में पूजन के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न वृष को श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा दूसरा श्रेष्ठ मुहूर्त स्थिर लग्न सिंह को माना गया है। रविवार को चतुर्दशी तिथि सूर्योदय से दोपहर 12:20 बजे तक है। इसके बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। ऐसे में प्रतिष्ठानों में बसना और दिवाली का पूजन सुबह 9:13 से 10:38 बजे तक उत्तम रहेगा।
विज्ञापन


वहीं, घरों में गणेश-लक्ष्मी का पूजन स्थिर वृष लग्न में शाम 6:25 से रात 8:22 बजे तक उत्तम रहेगा। इंडियन कॉउसिंल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेज (रजि.) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चितंक इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक रमेश चिंतक  का कहना है कि दिवाली मूलत: यमराज का पर्व है। पांच दिन का यह यम पर्व कहलाता है।
विज्ञापन
Trending Videos

मृत्यु पर विजय प्राप्त करने के लिए देव और असुरों ने समुद्र मंथन किया और उसमें 14 रत्न निकले। जिसमें विष और अमृत, रंभा और महालक्ष्मी उत्पन्न हुईं। धनतेरस, नरक चतुर्दशी के बाद तीसरा पर्व दिवाली का है। प्रदोष काल में दीप और महालक्ष्मी के पूजन का विधान है।

इसमें बसना पूजन, संस्थान में पूजन और घर में पूजन विशेष रूप से होता है। पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक पंडित केए दुबे पद्मेश ने बताया कि  दिवाली के दिन प्रदोष काल शाम 5:21 से रात 7:54 बजे तक है। इस काल खंड में भी गणेश-लक्ष्मी, कुबेर और इंद्र का पूजन होता है। पांचवां दीपक यमराज का निकाला जाता है। पांच दीपक प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। साधक महानिशीथकाल में पूजन करते हैं।
विज्ञापन

आज पूजन के शुभ मुहूर्त

- स्थिर लग्न वृष : शाम 6:25 से रात 8:22 बजे तक 
- स्थिर लग्न सिंह: रात 12:53 से रात्रि 3:07 बजे तक 
- चौघड़िया मुहूर्त: शाम 5:21 से रात 10:06 बजे तक 
- लाभ की चौघड़िया: रात 12:16 से 1:51 बजे तक 
- महानिशीथकाल: रात्रि 11:18 से 12:09 बजे तक 
- बसना पूजन: सुबह 9:13 से सुबह 10:38 बजे तक 

अन्नकूट महोत्सव कल 
दीपावली के अगले दिन यानी सोमवार (28 अक्टूबर) को गोवर्धन की पूजा की जाएगी। इस पूजा की परंपरा श्रीकृष्ण के समय से हो रही है। इस दिन सुबह गाय के गोबर से घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है। इसके बाद उसे फूल-पत्तों से सजाया जाता है। कहीं-कहीं पर इंद्र और वरुण की भी पूजा होती है। कहीं पकवानों का पहाड़ बनाकर उसके बीच में श्रीकृष्ण की मूर्ति रख कर पूजा की जाती है। बृज में इसे मानवाकार रूप में मनाया जाता है। कुछ स्थानों में इसे पर्वताकार रूप में बनाते है।
विज्ञापन

भाई दूज 29 अक्तूबर को
दीपावली के दो दिन बाद शुक्रवार को 29 अक्टूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाइयों के माथे पर टीका करती हैं औरमिष्ठान खिलाती है। मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन यम की बहन यमुना नदी में स्नान करने से पूरे साल भर अकाल मृत्यु के भय से यमराज मुक्त करते हैं।

नव विक्रम संवत भी शुरू होगा
दिवाली के अगले दिन यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही विक्रम संवत का आरंभ होता है। यह दक्षिण भारत में काफी प्रचलित है। इस दिन वहीं कार्य किए जाते है जो चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को किए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed