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शिकायतों के बीच 62,734 लाख का बजट पास
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 25 Dec 2014 03:58 AM IST
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ओईएफ हाल में हुई जिला योजना समिति की बैठक में शिकायतों के बीच 62,734 लाख रुपये के बजट को प्रभारी मंत्री भगवत सरन गंगवार ने हरी झंडी दी। इस सत्र का जिला योजना का बजट पिछले सत्र 2013-14 की तुलना में ढाई गुना है।
स्वीकृत बजट में कृषि विभाग को 20 लाख, उद्योग विभाग को 62 लाख, पशु पालन विभाग को 567.91 लाख, सहकारिता को 0.25 लाख, पंचायती राज को 640 लाख, सड़क और पुल को 12127.62 लाख, नगरीय पेयजल को 3142.99 लाख, ग्रामीण आवास को 4214.35 लाख, समाज कल्याण को 8695.51 लाख रुपये के विकास कार्य समेत अलग-अलग 48 विभागों के विकास कार्य शामिल हैं।
दोपहर दो बजे बैठक शुरू होते ही प्रभारी मंत्री ने पिछली बैठक में दी गई जांच और कार्रवाई की जानकारी मांगी। दी गई जांचों पर कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सभी जांचों की समीक्षा की आवश्यकता है।
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विधायक सतीश निगम ने पौध रोपण का मुद्दा उठाते हुए फलदार पौधे लगाने की मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कटियार ने पूछा कि 13वें वित्त, राजवित्त, जिला निधि से सोलर लाइट लगवाने के लिए धन देने का प्रावधान नहीं है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के सवाल पर डीएम डॉ. रौशन जैकब ने साफ किया कि राज्य वित्त से इसके लिए पैसा दिया जाता सकता है। लघु सिंचाई विभाग ने फ्री बोरिंग का लक्ष्य बताया तो बैठक में सदस्यों ने भीतरगांव, पतारा व कल्याणपुर में बोरिंग न करने की शिकायत की।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एसपी वर्मा ने बताया कि मिनी कामधेनु और काम धेनु के तहत लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह योजना सीएम की प्राथमिकता में शामिल है।
इससे रोजगार भी बढ़ेगा। इसलिए जल्द ही और आवेदनपत्र मांगकर चयन किया जाए। इंटरव्यू में सीडीओ, सीवीओ के साथ बैंक के अधिकारियों को भी बुलाया जाए। शहर में सभी पांच लाख 23 हजार जानवरों के टीकाकरण की बात कहने पर कई जिला पंचायत सदस्यों ने एतराज सजाया। इस पर मंत्री ने गांवों में अधिकारियों को भेजकर सत्यापन कराए जाने की बात कही ।
वहीं बैठक में भाजपा का एक भी विधायक शामिल नहीं हुआ। बैठक का संचालन जिलाधिकारी ने किया। इस मौके पर सीडीओ राजेंद्र सिंह, डीडीओ नरेंद्र सिंह यादव, सीएमओ आरके यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र यादव, चंद्रेश सिंह, सुरेंद्र प्रताप, राजेंद्र, शिव कुमार समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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स्वीकृत बजट में कृषि विभाग को 20 लाख, उद्योग विभाग को 62 लाख, पशु पालन विभाग को 567.91 लाख, सहकारिता को 0.25 लाख, पंचायती राज को 640 लाख, सड़क और पुल को 12127.62 लाख, नगरीय पेयजल को 3142.99 लाख, ग्रामीण आवास को 4214.35 लाख, समाज कल्याण को 8695.51 लाख रुपये के विकास कार्य समेत अलग-अलग 48 विभागों के विकास कार्य शामिल हैं।
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दोपहर दो बजे बैठक शुरू होते ही प्रभारी मंत्री ने पिछली बैठक में दी गई जांच और कार्रवाई की जानकारी मांगी। दी गई जांचों पर कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सभी जांचों की समीक्षा की आवश्यकता है।
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विधायक सतीश निगम ने पौध रोपण का मुद्दा उठाते हुए फलदार पौधे लगाने की मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कटियार ने पूछा कि 13वें वित्त, राजवित्त, जिला निधि से सोलर लाइट लगवाने के लिए धन देने का प्रावधान नहीं है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के सवाल पर डीएम डॉ. रौशन जैकब ने साफ किया कि राज्य वित्त से इसके लिए पैसा दिया जाता सकता है। लघु सिंचाई विभाग ने फ्री बोरिंग का लक्ष्य बताया तो बैठक में सदस्यों ने भीतरगांव, पतारा व कल्याणपुर में बोरिंग न करने की शिकायत की।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एसपी वर्मा ने बताया कि मिनी कामधेनु और काम धेनु के तहत लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह योजना सीएम की प्राथमिकता में शामिल है।
इससे रोजगार भी बढ़ेगा। इसलिए जल्द ही और आवेदनपत्र मांगकर चयन किया जाए। इंटरव्यू में सीडीओ, सीवीओ के साथ बैंक के अधिकारियों को भी बुलाया जाए। शहर में सभी पांच लाख 23 हजार जानवरों के टीकाकरण की बात कहने पर कई जिला पंचायत सदस्यों ने एतराज सजाया। इस पर मंत्री ने गांवों में अधिकारियों को भेजकर सत्यापन कराए जाने की बात कही ।
वहीं बैठक में भाजपा का एक भी विधायक शामिल नहीं हुआ। बैठक का संचालन जिलाधिकारी ने किया। इस मौके पर सीडीओ राजेंद्र सिंह, डीडीओ नरेंद्र सिंह यादव, सीएमओ आरके यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र यादव, चंद्रेश सिंह, सुरेंद्र प्रताप, राजेंद्र, शिव कुमार समेत कई सदस्य मौजूद रहे।