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लाखों के लालच में दोस्तों ने धर्मेंद्र को जलाया था जिंदा, खाते में लाखों देख तीन दोस्तों ने रची थी साजिश
Fri, 28 Aug 2020 09:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 Aug 2020 09:20 PM IST
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यूपी पुलिस
कन्नौज के खुसटिया गांव में 10 दिन पहले अधजली मिली नगर पालिका के सफाई कर्मचारी की लाश के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया। लाखों रुपये के लालच में तीन दोस्तों ने हत्या की साजिश रची थी। शराब पिलाने के बाद पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।
हत्या के तीसरे दिन उसके खाते से ऑनलाइन 40 हजार रुपये दूसरे खाते में भेजने से छानबीन में जुटी पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई। वारदात को अंजाम देने वाले तीनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों में नाबालिग भी शामिल है। कानपुर देहात के रूरा थाने के गहलो गांव का धर्मेंद्र (25) पुत्र स्वर्गीय जयराम नगर पालिका कन्नौज में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात था।
वह ईदगाह कांशीराम कालोनी में रहता था। 19 अगस्त को वह लापता हो गया था। 20 अगस्त की सुबह सदर कोतवाली के गांव खुसटिया के पास नलकूप के पीछे उसका अधजला शव मिला था। दो दिन बाद धर्मेंद्र की शिनाख्त भाई शिवम ने की थी। जांच में हत्या के बाद धर्मेंद्र के खाते से दूसरे खाते में 40 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफार्मर होने का खुलासा हुआ।
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हत्या के तीसरे दिन उसके खाते से ऑनलाइन 40 हजार रुपये दूसरे खाते में भेजने से छानबीन में जुटी पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई। वारदात को अंजाम देने वाले तीनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों में नाबालिग भी शामिल है। कानपुर देहात के रूरा थाने के गहलो गांव का धर्मेंद्र (25) पुत्र स्वर्गीय जयराम नगर पालिका कन्नौज में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात था।
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वह ईदगाह कांशीराम कालोनी में रहता था। 19 अगस्त को वह लापता हो गया था। 20 अगस्त की सुबह सदर कोतवाली के गांव खुसटिया के पास नलकूप के पीछे उसका अधजला शव मिला था। दो दिन बाद धर्मेंद्र की शिनाख्त भाई शिवम ने की थी। जांच में हत्या के बाद धर्मेंद्र के खाते से दूसरे खाते में 40 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफार्मर होने का खुलासा हुआ।
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पुलिस ने गहराई से छानबीन की तो पता चला कि ईदगाह कांशीराम कालोनी निवासी मनीश पुत्र रमेश के खाते में पैसे भेजे गए हैं। उप निरीक्षक विक्रम सिंह ने गुरुवार रात मनीश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह धर्मेंद्र का दोस्त है। अक्सर धर्मेंद्र के साथ बैठकर शराब पीता था। एक दिन नशे में एटीएम से धर्मेंद्र रुपये निकाल रहा था।
पर्ची में उसने देखा कि उसके खाते में छह लाख 27 हजार रुपये जमा हैं। उसकी नीयत खराब हो गई। उसने पड़ोसी दोस्त अनुज सक्सेना पुत्र राजेश और एक 16 वर्षीय दोस्त को इसकी जानकारी दी। रुपयों के लालच में आकर तीनों दोस्तों ने धर्मेंद्र की हत्या की योजना बनाई। घटना की शाम वह चारों शराब लेकर नलकूप पर पहुंचे। सभी लोगों ने खूब शराब पी।
धर्मेंद्र के नशे में होने के बाद उसकी पिटाई कर एटीएम और मोबाइल छीन लिया। जान से मारने की धमकी देकर पासवर्ड पूछ लिया। इसके बाद बाइक से पेट्रोल निकालकर जिंदा जला दिया। किसी के आ जाने के डर से वह लोग लाश अधजली छोड़कर भाग निकले। सदर कोतवाली में खुलासा करते हुए एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 30 हजार रुपये और बाइक बरामद की गई है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
18 अगस्त को भी किया था हत्या का प्रयास
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि धर्मेंद्र 18 अगस्त को बस से कानपुर गया था। इससे मानीमऊ में उसे बस से उतारकर हत्या की योजना बनाई थी। धर्मेंद्र को फोन कर मानीमऊ में उतरने के लिए कहा था। वह नहीं उतरा। इसके बाद उन्होंने दूसरे दिन वारदात को अंजाम दिया।
पर्ची में उसने देखा कि उसके खाते में छह लाख 27 हजार रुपये जमा हैं। उसकी नीयत खराब हो गई। उसने पड़ोसी दोस्त अनुज सक्सेना पुत्र राजेश और एक 16 वर्षीय दोस्त को इसकी जानकारी दी। रुपयों के लालच में आकर तीनों दोस्तों ने धर्मेंद्र की हत्या की योजना बनाई। घटना की शाम वह चारों शराब लेकर नलकूप पर पहुंचे। सभी लोगों ने खूब शराब पी।
धर्मेंद्र के नशे में होने के बाद उसकी पिटाई कर एटीएम और मोबाइल छीन लिया। जान से मारने की धमकी देकर पासवर्ड पूछ लिया। इसके बाद बाइक से पेट्रोल निकालकर जिंदा जला दिया। किसी के आ जाने के डर से वह लोग लाश अधजली छोड़कर भाग निकले। सदर कोतवाली में खुलासा करते हुए एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 30 हजार रुपये और बाइक बरामद की गई है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
18 अगस्त को भी किया था हत्या का प्रयास
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि धर्मेंद्र 18 अगस्त को बस से कानपुर गया था। इससे मानीमऊ में उसे बस से उतारकर हत्या की योजना बनाई थी। धर्मेंद्र को फोन कर मानीमऊ में उतरने के लिए कहा था। वह नहीं उतरा। इसके बाद उन्होंने दूसरे दिन वारदात को अंजाम दिया।