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Kanpur News: देवगुरु बृहस्पति कल रात वृष से निकलकर मिथुन में करेंगे गोचर
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कानपुर। देवगुरु बृहस्पति बुधवार की रात 11:20 बजे वृष राशि से निकलकर मिथुन में गोचर करेंगे। गुरु के गोचर का असर 12 राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी ने बताया कि देवगुरु बृहस्पति ज्ञान और भाग्य वृद्धि के कारक हैं। इस बार गुरु की अतिचारी दशा है। गोचर कई राशियों के लिए अच्छा और कुछ के लिए जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। बता दें कि इसके बाद देवगुरु अक्तूबर में सिंह राशि में गोचर करेंगे।
मेष: गुरु तीसरे पराक्रम भाव में आ जाएंगे। पराक्रम में वृद्धि करेंगे। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनेंगे और आय के स्रोत बढ़ेंगे।
वृष : गुरु द्वितीय धान भाव में आ जाएंगे। धनवाणी, कुटुंब की दृष्टि से शुभ फल देंगे। परिवार में सौहार्द का वातावरण बनेगा।
मिथुन: गुरु लग्न भाव में आ जाएंगे। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से शुभ फल देंगे और संतान सुख व संतान की प्रगति के योग बनाएंगे।
कर्क: गुरु 12वें भाव में आ जाएंगे। व्यय अधिक होगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। पीली वस्तुओं का दान करें।
सिंह : गुरु एकादश भाव में होंगे। यह विभिन्न प्रकार से धन का लाभ कराएंगे और पराक्रम में वृद्धि होगी। व्यवसाय की दृष्टि से भी लाभ मिलेगा।
कन्या : गुरु दशम भाव में गाेचर करेंगे, जो केंद्र भाव होगा। पिता से लाभ, नौकरी व व्यवसाय में प्रगति का योग बनेगा।
तुला : गुरु नवम यानी भाग्य भाव में होंगे। भाग्य में वृद्धि, रुके कार्यों में सफलता का योग बनेगा। स्वास्थ्य सुधरने लगेगा।
वृश्चिक: गुरु अष्टम भाव में होंगे और स्वास्थ्य को प्रभावित करेंगे। कार्यों में रुकावट और परिजनों से विरोध रहेगा। पीली वस्तुओं का दान करें।
धनु: गुरु सप्तम भाव में आकर पिछले समय से चली आ रही समस्याओं का निदान करेंगे। धन, प्रगति और आय के स्रोत बढ़ेंगे।
मकर: गुरु छठे भाव में आ जाएंगे। परिजनों से विरोध व स्वास्थ्य में दिक्कतें आएंगी। बनते कार्य रुकने लगेंगे। पीली वस्तुओं का दान करें।
कुंभ: गुरु पंचम भाव में होंगे। पद और संतान की दृष्टि से लाभ देंगे। आय के स्रोत बढ़ेंगे और रुके कार्यों में सफलता के योग बनेंगे।
मीन: गुरु चतुर्थ भाव में आ जाएंगे। व्यय की अधिकता रहेगी। भूमि, भवन, वाहन की दृष्टि से विलंब होगा। मां का स्वास्थ्य प्रभावित होगा।
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मेष: गुरु तीसरे पराक्रम भाव में आ जाएंगे। पराक्रम में वृद्धि करेंगे। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनेंगे और आय के स्रोत बढ़ेंगे।
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वृष : गुरु द्वितीय धान भाव में आ जाएंगे। धनवाणी, कुटुंब की दृष्टि से शुभ फल देंगे। परिवार में सौहार्द का वातावरण बनेगा।
मिथुन: गुरु लग्न भाव में आ जाएंगे। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से शुभ फल देंगे और संतान सुख व संतान की प्रगति के योग बनाएंगे।
कर्क: गुरु 12वें भाव में आ जाएंगे। व्यय अधिक होगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। पीली वस्तुओं का दान करें।
सिंह : गुरु एकादश भाव में होंगे। यह विभिन्न प्रकार से धन का लाभ कराएंगे और पराक्रम में वृद्धि होगी। व्यवसाय की दृष्टि से भी लाभ मिलेगा।
कन्या : गुरु दशम भाव में गाेचर करेंगे, जो केंद्र भाव होगा। पिता से लाभ, नौकरी व व्यवसाय में प्रगति का योग बनेगा।
तुला : गुरु नवम यानी भाग्य भाव में होंगे। भाग्य में वृद्धि, रुके कार्यों में सफलता का योग बनेगा। स्वास्थ्य सुधरने लगेगा।
वृश्चिक: गुरु अष्टम भाव में होंगे और स्वास्थ्य को प्रभावित करेंगे। कार्यों में रुकावट और परिजनों से विरोध रहेगा। पीली वस्तुओं का दान करें।
धनु: गुरु सप्तम भाव में आकर पिछले समय से चली आ रही समस्याओं का निदान करेंगे। धन, प्रगति और आय के स्रोत बढ़ेंगे।
मकर: गुरु छठे भाव में आ जाएंगे। परिजनों से विरोध व स्वास्थ्य में दिक्कतें आएंगी। बनते कार्य रुकने लगेंगे। पीली वस्तुओं का दान करें।
कुंभ: गुरु पंचम भाव में होंगे। पद और संतान की दृष्टि से लाभ देंगे। आय के स्रोत बढ़ेंगे और रुके कार्यों में सफलता के योग बनेंगे।
मीन: गुरु चतुर्थ भाव में आ जाएंगे। व्यय की अधिकता रहेगी। भूमि, भवन, वाहन की दृष्टि से विलंब होगा। मां का स्वास्थ्य प्रभावित होगा।