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Kanpur News: गांवों में कूड़े के ढेर में दफन हो गया 12 करोड़ का विकास

Tue, 13 May 2025 01:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 May 2025 01:50 AM IST
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Development worth Rs 12 crores buried in garbage heaps in villages
कानपुर। जिले में राष्ट्रीय स्वच्छ भारत मिशन अभियान (ग्रामीण) फ्लाप साबित हो रहा है। बीते दो वर्षों में पंचायती राज विभाग ने 12 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर दी, लेकिन गांवों में कूड़े के ढेर दिखते हैं। बीते एक साल में एक भी नए आरआरसी केंद्र का संचालन नहीं हो सका है। वर्ष 2023 में सिर्फ 48 पंचायतों में घर-घर कूड़ा उठान कार्य शुरू हुआ था, जबकि विभाग कागजों में 99 पंचायतों में कूड़ा उठान बता रहा है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 300 के सापेक्ष सिर्फ 44 आरआरसी सेंटर बन सके हैं।
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सरकार ने वर्ष 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) बनाने की योजना शुरू की थी। पंचायत में घर-घर कूड़ा उठान के लिए स्वच्छता किट, ई-रिक्शा, प्लास्टिक बैंक व अन्य उपकरणों की भी खरीद होनी थी। वर्ष 2023-2024 तक 48 पंचायतों में आरआरसी केंद्रों का निर्माण पूरा कराकर घरों से कूड़ा उठान शुरू करा दिया गया था। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 300 पंचायतों में आरआरसी केंद्रों का निर्माण होना है। हालत यह है कि अभी तक 44 ग्राम पंचायतों में केंद्रों का निर्माण पूरा हो सका है। शेष निर्माणाधीन हैं। इसमें करीब छह करोड़ खर्च हो चुके हैं। हालांकि इन पंचायतों में उपकरण नहीं खरीदे गए हैं। वहीं, कई ऐसी पंचायतें हैं, जहां उपकरण खरीदे गए, लेकिन उपयोग नहीं हो रहा है। 15 से अधिक ग्राम पंचायतों में उपकरण न होने की वजह से आरआरसी केंद्र कबाड़ हो गए हैं।
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जिन ग्राम पंचायतों में आरआरसी केंद्र का निर्माण होना था, वहां पर स्वच्छता के उपकरण भी पंचायतों को खरीदने थे। उपकरणों को खरीदने के लिए पंचायती राज निदेशालय से मानक तय किए गए थे, लेकिन ग्राम पंचायतों ने कमीशन के चक्कर में घटिया क्वालिटी के ई-रिक्शा, स्वच्छता किट और प्लास्टिक बैंक की खरीद की। हालांकि ज्यादातर पंचायतों में अभी अधूरे उपकरण ही खरीदे गए हैं। इसकी मॉनीटरिंग करने वाला कोई नहीं है। विभाग के अधिकारी बैठक कर सिर्फ कार्य की प्रगति की समीक्षा करते रहते हैं।
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केस वन-
चौबेपुर ब्लाॅक के मालौं ग्राम पंचायत में एक वर्ष पहले आरआरसी केंद्र बनाया गया था। ग्राम पंचायत में अभी स्वच्छता उपकरण नहीं खरीदे गए हैं। केंद्र के शौचालय के दरवाजे टूट गए हैं। कंपोजिट गड्ढों में कूड़े के स्थान पर बड़ी-बड़ी घास खड़ी है।

केस दो -
शिवराजपुर ब्लाॅक के काकूपुर ग्राम पंचायत और अन्य एक ग्राम पंचायत में आरआरसी केंद्र का एक साल पहले निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद भी आज तक पंचायती राज विभाग केंद्रों के संचालन की कोई तैयारी नहीं बना सका है।

केस तीन-
कल्याणपुर ब्लाॅक के कुरसौली ग्राम पंचायत में आरआरसी केंद्र बनकर खड़ा है। अभी तक यहां न तो उपकरण खरीदे गए और न ही कूड़ा उठान की कोई व्यवस्था शुरू हो सकी है।


वर्जन-
बीते तीन माह से शासन से बजट जारी नहीं हुआ है। इसकी वजह से निर्माण कार्य की प्रगति धीमी है। हालांकि जिन ग्राम पंचायतों ने उपकरण नहीं खरीदे हैं, उनकी समीक्षा की जा रही है। जल्द ही सभी केंद्रों का संचालन कर घर-घर से कूड़ा उठान शुरू किया जाएगा। -मनोज कुमार, डीपीआरओ
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