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Kanpur News: फॉर्म हाउस गार्डों और 30 कैमरों से लैस, फिर भी लुट गए रमेश

Wed, 14 Oct 2026 02:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 02:27 AM IST
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Despite being equipped with farmhouse guards and 30 cameras, Ramesh still got robbed.
कानपुर। सेन पश्चिम पारा के न्योरी गांव में रमेश यादव के करीब आठ बीघे में फैले फार्म हाउस में सोमवार रात दो नकाबपोश बदमाशों ने सुरक्षा के तमाम इंतजामों को धता बताकर लूटपाट की। परिसर में 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 10 फीट ऊंची चहारदीवारी, कंटीले तारों की फेंसिंग और मुख्य गेट पर 24 घंटे दो गार्डों की तैनाती रहती है। इसके बावजूद बदमाश दीवार फांदकर अंदर घुसे और चालक के जाने के बाद रमेश को बंधक बना लिया। रमेश ने वारदात में करीबियों की भूमिका होने का अंदेशा जताया है।
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फार्म हाउस में तीन मुख्य गेट हैं, जिनमें एक गेट किनारे की ओर खुलता है। परिसर के कोनों पर तीन-तीन सीसीटीवी कैमरों के सेट लगे हैं। रमेश अपनी सुरक्षा के लिए पिस्टल और सिंगल बैरल राइफल भी रखते हैं। पुलिस के मुताबिक, फार्म हाउस के पिछले हिस्से में दीवार से सटे कमरे लगे हैं और बगल में हॉल है। वहीं, तीन विंडो एसी और आउटडोर यूनिट लगी हैं, जिन्हें लोहे की मजबूत जालियों से कवर किया गया है। बदमाश इन्हीं जालियों का सहारा लेकर दीवार से सटे जामुन के पेड़ और वॉश बेसिन पर पैर रखते हुए नीचे उतरे।
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सीसीटीवी फुटेज में दोनों बदमाश सोमवार रात 10:20 बजे दीवार फांदते दिखाई दिए। वे रमेश के कमरे में पहुंचने से पहले उनके अकेले होने का इंतजार करते रहे। रात करीब 11 बजे चालक अभय यादव के जाने के बाद दोनों नकाबपोश कमरे में दाखिल हुए।
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रमेश यादव ने बताया कि पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश सचिव चुने जाने के बाद वह पहली बार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होने वाली बैठक में शामिल होने लखनऊ गए थे। लौटकर कमरे में मोबाइल पर कार्यक्रम की झलकियां देख रहे थे, तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज आई। ऊपर देखा तो काली पोशाक और नकाब पहने, असलहों से लैस दो बदमाश सामने खड़े थे। एक लंबा और दूसरा नाटे कद का था। उन्होंने धमकाया कि शांत रहो, नहीं तो गोली मार देंगे। रमेश के मुताबिक, शोर मचाने पर लंबे बदमाश ने उनके मुंह पर मुक्का मारा और तौलिया ठूंस दी। इसके बाद गमछे से मुंह बांध दिया गया। दूसरे बदमाश ने बैग से टेप निकालकर उनके हाथ-पैर बांध दिए।
रमेश ने बताया कि बदमाश उन्हें बाथरूम में ले गए। पसीना आने पर उन्होंने तौलिया मांगी तो बदमाशों ने तौलिया और पानी की बोतल दी। मोबाइल भी दिया। बदमाशों ने कहा कि वह बजरंगबली के भक्त और अच्छे आदमी हैं, इसलिए उन्हें मारेंगे नहीं। कहा कि तुम्हें कसम है कि घटना अपने तक ही रखोगे, किसी से कहोगे नहीं। कहा कि 15 मिनट बाद तुम खुद को खोल लोगे, तब तक वे जा चुके होंगे।
रमेश के मुताबिक, वह आमतौर पर कल्याणपुर स्थित आवास में रहते हैं, लेकिन नवरात्र में पैतृक आवास पर माता की मूर्ति स्थापित होने के कारण नौ दिन वहीं रुकते हैं। फार्म हाउस में वह जरूरत से ज्यादा रुपये नहीं रखते। हाल में एक प्लॉट की बिक्री की बकाया 12-13 लाख रुपये की किस्त मिली थी, जिसे लॉकर में रखा था। इसकी जानकारी कुछ करीबियों को ही थी। बदमाश कर्मचारियों के नाम भी जानते थे। वारदात वाले हिस्से में अंदर की ओर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, जिससे वहां की गतिविधियां रिकॉर्ड नहीं हो सकीं। इन परिस्थितियों के चलते उन्होंने करीबियों पर संदेह जताया।
सूचना पर डॉग स्क्वॉड की टीम भी फाॅर्म हाउस पहुंची। खोजी कुत्ते ने कमरे में पड़े टेप और गमछे की गंध लेने के बाद पीछे की ओर रास्ता पकड़ा और करीब 300 मीटर दूर ईंट-भट्ठे तक पहुंचा। वहां से एक रास्ता हाईवे और दूसरा गांव की ओर जाता है। इसके बाद वह लौट आया। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण अपर पुलिस आयुक्त विपिन ताडा देर रात फार्म हाउस पहुंचे और जांच की। सुबह डीसीपी और एडीसीपी ने भी मौके का निरीक्षण किया। ताडा दोबारा पहुंचे और बाइक से उस स्थान तक गए, जहां खोजी कुत्ता पहुंचा था। दोपहर बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल भी फार्म हाउस पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की।
रमेश डिफेंडर और फॉर्च्यूनर कारों के काफिले से लखनऊ गए थे। उनकी गाड़ी अभय यादव चला रहा था, जबकि उसमें न्योरी गांव के प्रधान राम नरेश यादव के भाई बलराम भी बैठे थे। दूसरी गाड़ी में सुरक्षा कर्मी फूल सिंह, अमित, नीरज, दो अन्य बाउंसर और बर्रा निवासी चालक सचिन यादव थे। लौटते समय सचिन नौबस्ता बाईपास पर उतर गया। फाॅर्म हाउस पहुंचने के बाद अन्य सुरक्षाकर्मी कुछ दूर स्थित रमेश के मकान में आराम करने चले गए। फाॅर्म हाउस में रमेश के साथ केवल अभय यादव रह गया।

डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रयागराज कुंभ के दौरान भी फार्म हाउस में चोरी हुई थी, हालांकि तब यहां सीसी कैमरे नहीं लगे थे। घटना की जानकारी होने के बाद भी रमेश यादव ने पुलिस को कोई सूचना नहीं थी। इसके बाद ही पूरे परिसर को सीसी कैमरों से लैस कराया था।
टाइमलाइन से समझें घटनाक्रम
रात 8.30 पर दो गाड़ियों के काफिले से रमेश यादव लखनऊ रवाना।
रात 10.15 बजे काफिला फार्म हाउस पहुंचा, रमेश कमरे में गए।
रात 10.20 बजे दो नकाबपोश फार्म हाउस के अंदर दाखिल हुए।
रात 10.25 पर सुरक्षा कर्मी अपने घर चले गए।
रात 10.45 पर साथ में रुका अभय खाना देकर चला गया।
रात 11 बजे नकाबपोशों ने तमंचे और चाकू के बल पर बंधक बनाया।
रात 11.27 मिनट पर पीछे की दीवार से कूदते दिखे बदमाश।
रात 11.42 मिनट पर रमेश ने बलराम और अभय को सूचना दी।
रात 12.10 पर पुलिस मौके पर पहुंची।
रात 8.30 पर दो गाड़ियों के काफिले से रमेश यादव लखनऊ रवाना।
रात 10.15 बजे काफिला फार्म हाउस पहुंचा, रमेश कमरे में गए।
रात 10.20 बजे दो नकाबपोश फार्म हाउस के अंदर दाखिल हुए।
रात 10.25 पर सुरक्षा कर्मी अपने घर चले गए।
रात 10.45 पर साथ में रुका अभय खाना देकर चला गया।
रात 11 बजे नकाबपोशों ने तमंचे और चाकू के बल पर बंधक बनाया।
रात 11.27 मिनट पर पीछे की दीवार से कूदते दिखे बदमाश।
रात 11.42 मिनट पर रमेश ने बलराम और अभय को सूचना दी।
रात 12.10 पर पुलिस मौके पर पहुंची।
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