UP: उन्नाव में खुलेगा डिजाइन स्टूडिय व लेदर फैशन का प्रशिक्षण केंद्र, अब खुद के डिजाइन भी बनेंगे…बढ़ेगा निर्यात
Kanpur News: शहर और उन्नाव में चमड़ा और चमड़ा से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारोबार है। यह क्लस्टर लगभग दो लाख परिवारों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। क्लस्टर का कारोबार लगभग 9000 करोड़ रुपये सालाना है।
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कानपुर के चमड़ा उद्योग के लिए अच्छी खबर है। उन्नाव स्थित केएलसी काॅम्प्लेक्स में भारत सरकार ने डिजाइन स्टूडियो और लेदर फैशन का प्रशिक्षण केंद्र खोलने की स्वीकृति दे दी है। इस स्टूडियो का निर्माण सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की जिला निर्यात हब योजना एवं एक्सिम बैंक ऑफ इंडिया की ग्रासरूट्स इनिशिएटिव फॉर डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत किया जाएगा।
इस स्टूडियो से लेदर फैशन और लेदर गुड्स क्लस्टर की एमएसएमई यूनिटों को नए-नए डिजाइन के साथ-साथ जॉब वर्क करने का लाभ भी मिलेगा। चर्म निर्यातकों का कहना है कि डिजाइन स्टूडियो के खुलने से नए-नए डिजाइनर तैयार हो सकेंगे। वहीं, खुद के डिजाइन भी बन सकेंगे। अभी डिजाइन के लिए विदेशी खरीदारों पर निर्भर रहना पड़ता है।
9000 करोड़ रुपये सालाना है कारोबार
उनके सैंपल के अनुरूप उत्पाद तैयार किए जाते हैं। शहर और उन्नाव में चमड़ा और चमड़ा से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारोबार है। यह क्लस्टर लगभग दो लाख परिवारों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। क्लस्टर का कारोबार लगभग 9000 करोड़ रुपये सालाना है। डिजाइन स्टूडियो के बनने से कानपुर लेदर क्लस्टर की लगभग 2500 से अधिक एमएसएमई यूनिटों को सीधे लाभ मिल सकेगा।
छह माह का डिप्लोमा कोर्स
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) रायबरेली के सहयोग से डिजाइनिंग और प्रोडक्शन के क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाएंगे। डिजाइन स्टूडियो के संचालन से फैशन और डिजाइनिंग में रुचि रखने वाले युवाओं को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई की तर्ज पर फैशन डिजाइनिंग और प्रोडक्शन का डिप्लोमा प्रमाणपत्र मिल सकेगा, जिससे उद्योग को डिजाइनर और प्रोडक्शन सुपरवाइजर मिल सकेंगे। इसके लिए केएलसी काॅम्प्लेक्स में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशिक्षण कोर्स की अवधि छह महीने होगी।
शू मास्टर सॉफ्टवेयर, कैड कैम से सीखेंगे नए डिजाइन
कानपुर। डिजाइन स्टूडियो में शू मास्टर सॉफ्टवेयर, कैड कैम, थ्रीडी प्रिंटर, थ्रीडी लास्ट स्कैनर, मैटीरियल स्कैनर, एंब्रॉयडरी मशीन के साथ-साथ विभिन्न अत्याधुनिक मशीनों और तकनीक से नई-नई डिजाइन बनाने में सहायता मिलेगी। अभी तक छोटे कारोबारियों को जूता, सैडलरी, गारमेंट्स आदि के डिजाइन डेवलपमेंट या प्रोटोटाइप के लिए चेन्नई, पुडुचेरी, मुंबई आदि के केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था।
डिजाइन स्टूडियो में डिजाइनर तैयार हो सकेंगे। खुद के डिजाइन बनेंगे तो घरेलू और निर्यात के मोर्चे पर भी कारोबार बढ़ने में आसानी होगी। छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों के डिजाइन तैयार करने में मदद मिल सकेगी। चेन्नई, नोएडा, मुंबई पर निर्भरता खत्म हो सकेगी। -राजेंद्र कुमार जालान, राष्ट्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
सरकार की वित्तीय संस्था एक्सिम बैंक आफ इंडिया ने कानपुर-उन्नाव लेदर क्लस्टर को अत्याधुनिक डिजाइन स्टूडियो के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर चर्म उद्योग को एक बड़ा उपहार दिया है। क्लस्टर में अच्छी उत्पादकता एवं उच्च गुणवत्ता के साथ-साथ नई-नई डिजाइन विकसित करने में आसानी होगी। कुशल कर्मचारी भी तैयार हो सकेंगे। -मुख्तारुल अमीन, अध्यक्ष, लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल
सबकुछ ठीक रहा तो छह माह में डिजाइन स्टूडियो बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए एक करोड़ के करीब फंड मिला हौ। यह विश्वस्तरीय सेंटर बनेगा। इसके बनने से खुद के डिजाइन किए उत्पाद आ सकेंगे। फैशन का बाजार भी बढ़ेगा। प्रशिक्षण केंद्र स्थापना के लिए सरकार से फंड मांगा गया है। -असद इराकी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद