{"_id":"5ddbd39f8ebc3e5498578e8d","slug":"denied-for-admit-in-hospital-for-two-hundred-rupees-in-chitrakoot","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट: सीएचसी का हाल बेहाल, दो सौ रुपये नहीं दिए तो भर्ती से किया इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट: सीएचसी का हाल बेहाल, दो सौ रुपये नहीं दिए तो भर्ती से किया इंकार
Mon, 25 Nov 2019 07:03 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 25 Nov 2019 07:03 PM IST
विज्ञापन
दो सौ रुपये नहीं दिए तो भर्ती से किया इंकार
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट के शिवरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव के नाम पर मरीजों से डॉक्टर व स्टाफ नर्सों पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप तीमारदारों ने लगाया है। दो सौ रुपये न देने पर प्रसूता को भर्ती नहीं किया गया। इसी प्रकार प्रसव के दौरान मांग पूरी न करने पर प्रसूता को रेफर किया गया। ऐसे में मरीजों को काफ ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शिवरामपुर सीएचसी में इन दिनों चिकित्सकों व स्टाफ नर्सों की लापरवाही के चलते गर्भवती महिलाओं का सही ढंग से उपचार नहीं मिल रहा। कई तीमारदारों ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। न देने पर तरह-तरह की समस्याएं बताकर रेफ र कर देते हैं।
विज्ञापन
शिवरामपुर सीएचसी में इन दिनों चिकित्सकों व स्टाफ नर्सों की लापरवाही के चलते गर्भवती महिलाओं का सही ढंग से उपचार नहीं मिल रहा। कई तीमारदारों ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। न देने पर तरह-तरह की समस्याएं बताकर रेफ र कर देते हैं।
विज्ञापन
रंपुरवा निवासी संगीता देवी ने बताया कि उसकी जेठानी को प्रसव दर्द के दौरान शनिवार को सीएचसी लेकर आए तो वहां मौजूद स्टाफ ने पहले दो सौ रुपये देने को कहा। इसके बाद ही भर्ती कर इलाज करने को कहा। उसके पास रुपये नहीं होने से फिर वह टेपों से जिला अस्पताल आ गई।
ग्राम कल्ला के तोमर यादव ने बताया कि रविवार को गर्भवती पत्नी के प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया। प्रसव होने के बाद शिशु के मुंह में पानी जाने की बात कहकर रेफर कर दिया। एंबुलेंस को फोन किया, किन्तु नहीं मुहैया हो सकी।
ग्राम कल्ला के तोमर यादव ने बताया कि रविवार को गर्भवती पत्नी के प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया। प्रसव होने के बाद शिशु के मुंह में पानी जाने की बात कहकर रेफर कर दिया। एंबुलेंस को फोन किया, किन्तु नहीं मुहैया हो सकी।
विज्ञापन
किसी तरह वाहन की व्यवस्था कर बांदा के अस्पताल में इलाज कराया है। अस्पताल में प्रसूता को छह घंटे तक रखने के बाद छुट्टी दे दी गई। सीएचसी में मौजूद अन्य गर्भवती महिलाओं के तीमारदारों ने बताया कि रात्रि में स्टाफ नर्स जबरन सुविधा शुल्क मांगते हैं।
कोई इलाज नहीं किया जाता। रुपए न देने के चलते दर्द से तड़पती गर्भवती महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। इस संबंध में सीएमओ विनोद कुमार यादव ने बताया कि सीएचसी में स्टाफ नर्सों द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की जांच कराई जा रही है।
कोई इलाज नहीं किया जाता। रुपए न देने के चलते दर्द से तड़पती गर्भवती महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। इस संबंध में सीएमओ विनोद कुमार यादव ने बताया कि सीएचसी में स्टाफ नर्सों द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की जांच कराई जा रही है।