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सुगंध कारोबारी एक्साइज विभाग को ऐेसे लगा रहा था चूना
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:40 AM IST
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मैन्यूफैक्चरिंग के काम को वे ट्रेडिंग के तौर पर दिखाते थे, इस तरह से एक्साइज विभाग को वे सालों से चूना लगा रहे थे
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कानपुर के सुगंध कारोबारी स्वतंत्र शुक्ल एक्साइज विभाग में रजिस्ट्रेशन के बगैर ही इत्र बनाने का काम कर रहे थे। मैन्यूफैक्चरिंग के काम को वे ट्रेडिंग के तौर पर दिखाते थे। इस तरह से एक्साइज विभाग को वे सालों से चूना लगा रहे थे। विभाग की छापामारी के बाद सोमवार को उन्होंने एक्साइज विभाग में इत्र बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया।
स्वतंत्र शुक्ल के ठिकानों पर छापामारी के लिए एक्साइज विभाग ने तीन माह पहले से ही पुख्ता सूचनाएं जुटानी शुरू कर दी थीं। इत्र कारोबारी ने नयागंज में जिस स्थान पर कार्यालय खोल रखा था वहां न तो फर्म का नाम था, न ही किसी को यह पता था कि यहां होता क्या है। लोकेशन ऐसी कि किसी को इस बात की भनक नहीं थी कि यहां ऑफिस भी हो सकता है। ऑफिस पूरा दिन खुलता भी नहीं था। रोजाना सिर्फ तीन घंटे ही यहां काम होता था। कई दिनों की मेहनत के बाद ऑफिस खुलने का नियमित समय पता चला तो अफसरों ने धावा बोल दिया। पता चला कि इन्हीं की फैक्ट्रियों में मशीनों से तैयार कंपाउंड शहर, प्रदेश और प्रदेश के बाहर के पान मसाला उत्पादकों को सप्लाई किया जाता था। इत्र के अलग-अलग फ्लेवर बनाने के बावजूद कारोबारी इसकी ट्रेडिंग दिखा रहे थे। विभागीय अफसरों का कहना है कि कंप्यूटराइज्ड हिसाब किताब हाथ लगा है। जांच की जा रही है।
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स्वतंत्र शुक्ल के ठिकानों पर छापामारी के लिए एक्साइज विभाग ने तीन माह पहले से ही पुख्ता सूचनाएं जुटानी शुरू कर दी थीं। इत्र कारोबारी ने नयागंज में जिस स्थान पर कार्यालय खोल रखा था वहां न तो फर्म का नाम था, न ही किसी को यह पता था कि यहां होता क्या है। लोकेशन ऐसी कि किसी को इस बात की भनक नहीं थी कि यहां ऑफिस भी हो सकता है। ऑफिस पूरा दिन खुलता भी नहीं था। रोजाना सिर्फ तीन घंटे ही यहां काम होता था। कई दिनों की मेहनत के बाद ऑफिस खुलने का नियमित समय पता चला तो अफसरों ने धावा बोल दिया। पता चला कि इन्हीं की फैक्ट्रियों में मशीनों से तैयार कंपाउंड शहर, प्रदेश और प्रदेश के बाहर के पान मसाला उत्पादकों को सप्लाई किया जाता था। इत्र के अलग-अलग फ्लेवर बनाने के बावजूद कारोबारी इसकी ट्रेडिंग दिखा रहे थे। विभागीय अफसरों का कहना है कि कंप्यूटराइज्ड हिसाब किताब हाथ लगा है। जांच की जा रही है।
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