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मनमानी: डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान ही डग्गामार, प्रतिबंधों को धता बता दूसरे राज्यों में बसों की आवाजाही जारी

Mon, 21 Jun 2021 11:11 AM IST
शिखा पांडेय सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 21 Jun 2021 11:11 AM IST
सार

प्रदेश सरकार ने कोरोना की वजह से यूपी रोडवेज और निजी बसों को प्रदेश की सीमा के बाहर यात्रियों को लाने और ले जाने पर रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध अभी लागू है। रोडवेज बसें तो इसका पालन कर रही हैं, लेकिन निजी बस संचालक लगातार बसों को गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि गैर राज्य भेज रहे हैं।

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Defying the restrictions of the government, movement of buses continues in other states
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर के सचेंडी में निजी बस की टेंपो से भिड़ंत से 18 कामगारों की मौतों के 12 दिन बीत गए। आठ जून को हुए इस हादसे में गलती गलत दिशा में आने वाले टेंपो चालक की मान ली गई। जबकि, बड़ी गलती गैर राज्यों में कोरोना की वजह से प्रतिबंध के बाद भी निजी बस का अहमदाबाद जाना था।
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इसके बाद 10 से 15 जून तक आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर ऐसे डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया, जो डग्गामार ही साबित हुआ। अभियान के दौरान भी निजी बसें गैर राज्य जाती रहीं। पकड़े जाने पर चालान की रकम भर देतीं और चली जातीं।
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अब नियमित छापेमारी भी बंद है। लेकिन, निजी बस संचालकों की गुंडागर्दी में कोई कमी नहीं। आज भी उसी तरह सवारियों को ठूंसकर बिना टैक्स माल लोड कर निजी बसें दूसरे प्रदेशों में यात्रियों के साथ माल ढुलाई में लगी हैं। फजलगंज, नौबस्ता, रामादेवी और टाटमिल चौराहे पर आप कभी भी जाएं, इनकी मनमानी देखने को मिल जाएगी।
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प्राइवेट बस मालिक नहीं मानते कोई निर्देश
प्रदेश सरकार ने कोरोना की वजह से यूपी रोडवेज और निजी बसों को प्रदेश की सीमा के बाहर यात्रियों को लाने और ले जाने पर रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध अभी लागू है। रोडवेज बसें तो इसका पालन कर रही हैं, लेकिन निजी बस संचालक लगातार बसों को गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि गैर राज्य भेज रहे हैं।

 

हादसे न हों, इसके लिए रोडवेज ने 500 किमी से अधिक की एक तरफ की दूरी पर बसों में दो ड्राइवरों को भेजने की व्यवस्था की है। चालक शराब न पीयें, इसके लिए रास्ते में चेकिंग होती है। यह नियम प्राइवेट बसों पर भी लागू होते हैं, लेकिन पालन अब तक नहीं हुआ है।

छह दिनों में 360 वाहनों पर हुई कार्रवाई
आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर 10 से 15 जून के बीच 360 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। चालान काटे और वाहनों को सीज किया गया। इसमें 324 ओवरलोड टेंपो, ट्रकों और बसों पर कार्रवाई की गई और 36 निजी बसों पर प्रतिबंध के बाद गैर राज्य जाने पर कार्रवाई की गई।

निजी बस की मीटिंग बुलाई जा रही है। साफ निर्देश दे दिए जाएंगे कि अगर लंबी दूरी की गाड़ियों में दो ड्राइवर न रखे, शासन की गाइडलाइन का पालन न किया तो परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। 15 जून तक लगातार अभियान चलाया गया, लेकिन औचक छापेमारी का अभियान जारी रहेगा।- राकेश सिंह, आरटीओ, प्रवर्तन, कानपुर

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