फर्जीवाड़ा: संपत्ति के लिए भतीजी बनी मृतक की बेटी, KDA में संपत्ति नामांतरण के दौरान खुला मामला, रिपोर्ट दर्ज
Kanpur News: शहर में करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए भतीजी मृतक की बेटी बन बैठी। उसने फर्जी कागजातों के सहारे पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवा लिया था। केडीए में संपत्ति नामांतरण के दौरान मामले का खुलासा हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में एक परिवार के सभी तीन सदस्यों की मौत के बाद भतीजी करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए बेटी बन गई। फर्जी कागजातों के सहारे पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवाकर खुद को विवाहित बेटी बताया और फिर संपत्ति अपने नाम कराने के लिए केडीए में प्रार्थना पत्र दिया। वहां से जांच शुरू हुई, तो मामला खुल गया। फर्जीवाड़े की जानकारी पर मृतक के भाई ने प्रमाण-पत्र निरस्त कराने के बाद कोतवाली में धोखेबाज पति-पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है।
किदवईनगर के ब्लॉक निवासी शिवसेवक शुक्ला के छोटे भाई गिरजाशंकर शुक्ला की मृत्यु छह मई 2021 व उनकी पत्नी अरुणा शुक्ला की नौ अक्तूबर 2021 को हो गई थी। गिरजाशंकर के इकलौते बेटे राहुल शुक्ला की मृत्यु 25 अगस्त 2023 को हो गई थी। राहुल की मौत से पहले उसके आवेदन पर 22 मार्च 2023 को एसडीएम सदर के यहां से पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी किया गया था, जिसमें गिरजाशंकर के पारिवारिक सदस्यों के रूप में सिर्फ राहुल का नाम दर्ज था।
इसके बाद सविता त्रिपाठी नाम से हुए आवेदन पर दो नवंबर 2023 को दूसरा पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी हुआ, जिसमें गिरजाशंकर, अरुणा शुक्ला व राहुल शुक्ला की मौत का जिक्र करते हुए उनकी एक विवाहित पुत्री सविता त्रिपाठी को पारिवारिक सदस्य बताया गया। अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने बताया कि गिरजाशंकर के भाई शिवसेवक को फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर उन्होंने शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि सविता के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व परास्नातक के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों में पिता का नाम सुशील शुक्ला व माता का नाम मीना शुक्ला दर्ज है।
सविता व पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
आधार कार्ड में सविता के पति का नाम पंकज कुमार व पता ग्राम इनायतपुर पोस्ट ठठिया जिला कन्नौज दर्ज है। सविता व उसके पति पंकज ने कूटरचना कर कक्षा आठ व छात्र पंजीकरण एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र में पिता का नाम फर्जी तरीके से गिरजाशंकर व माता का नाम अरुणा शुक्ला दर्ज कराकर व फर्जी शपथपत्र देकर गलत तरीके से पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र निरस्त किया गया और शिवसेवक की तहरीर पर कोतवाली में सविता व पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है।
परवरिश की पर नहीं लिया था गोद
गिरजाशंकर शुक्ला के कोई बेटी नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने साले सुशील शुक्ला की बेटी सविता को लगभग 15 साल की आयु से अपने पास रख लिया व उसकी परवरिश करते रहे। सविता की शुरुआती शिक्षा भी गिरजाशंकर व अरुणा के पास रहकर हुई लेकिन गिरजाशंकर व अरुणा ने कभी भी सविता को गोद नहीं लिया इसलिए उसे दत्तक पुत्री नहीं माना गया। परिजनों की मौत के बाद सविता ने खुद को बेटी बताकर पारिवारिक सदस्यता के लिए आवेदन कर दिया और प्रमाण पत्र हासिल भी कर लिया।
कंचन उर्फ सविता त्रिपाठी मृतक गिरजाशंकर की दूर की रिश्तेदार है। उसने अपने पति पंकज के साथ मिलकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची। पंकज के खिलाफ कई और मुकदमे भी दर्ज हैं। मिलीभगत के चलते लेखपाल की रिपोर्ट लगकर एसडीएम द्वारा पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र भी जारी हो गया। केडीए में संपत्ति के नामांतरण कार्यवाही के दौरान मामले की जानकारी हुई। तब डीएम से शिकायत कर प्रमाण पत्र निरस्त करवाया गया और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। -विवेक शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता