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किडनी दिलाने को करोड़ों में की डील, खुलासे से ठीक पहले दो रिसीवरों के साथ कोऑर्डिनेटरों ने की थी डील
Wed, 17 Apr 2019 04:36 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 17 Apr 2019 04:36 AM IST
सार
- पुलिस को दिल्ली व फरीदाबाद से मिले ये दो मरीज, इन्हें गवाह बनाने की तैयारी
- ईडी ने जांच शुरू कर एसआईटी से दोबारा मांगा ब्योरा
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
किडनी कांड में स्पेशल एसआईटी को अस्पताल के कोऑर्डिनेटरों के खिलाफ अहम सुबूत मिले हैं। जांच टीम को दो ऐसे मरीज मिले हैं, जिन्हें किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। कोऑर्डिनेटरों ने इन दोनों के साथ करोड़ों की डील भी फाइनल कर ली थी लेकिन तभी बर्रा पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने जांच शुरू कर एसआईटी से एक बार फिर ब्योरा मांगा है।
मामले में दिल्ली के अस्पताल पीएसआरआई के कोऑर्डिनेटर मिथुन व सुनीता वर्मा सहित फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल की कोऑर्डिनेटर सोनिका की मिलीभगत सामने आई थी। पुलिस ने इन सभी को आरोपी बनाया है। एसआईटी में शामिल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले का खुलासा होने से पहले इन तीनों ने दिल्ली व फरीदाबाद के एक-एक मरीज (रिसीवर) से सौदा पक्का कर लिया था। ये दोनों मरीज व्यवसायी है। दोनों मरीज व उनके परिजन पुलिस का साथ देने को तैयार है। पुलिस कोऑर्डिनेटरों पर शिंकजा कसने को इन्हें सरकारी गवाह बनाने की तैयारी में है।
लखनऊ से भेजे जाने थे डोनर
जेल में बंद टी राजकुमार और उसके साथी गौरव मिश्रा ने डोनर उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी ली थी। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों रिसीवरों के लिए लखनऊ से डोनर उपलब्ध कराए जाने थे। इसमें दोनों को तीन से चार लाख लाख एक डोनर का दिया जाना था।
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आईएएस से पूछताछ करेगी एसआईटी
रिसीवरों की सूची में आजमगढ़ के आईएएस की पत्नी, विधायक का भाई, कारोबारी और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इन सभी ने किडनी व लिवर खरीदे हैं। इसके लिए फर्जी दस्तावेज भी लगाए हैं। इस फर्जीवाड़े की वजह से ये भी आरोपी बनाए जा सकते हैं। एसआईटी अब आईएएस से पूछताछ करने की तैयारी में है। आईएएस की पत्नी को लखनऊ के कैंपल रोड निवासी रोहित निगम ने किडनी दी थी। एसआईटी जल्द ही आईएएस व डोनर रोहित से पूछताछ करने के लिए लखनऊ जाएगी।
ये हैं शामिल
टी राजकुमार व गौरव मिश्रा के साथ मिलकर जुनैद ने आजमगढ़ के एक आईएएस अधिकारी की किडनी ट्रांसप्लांट करवाई थी। आजमगढ़ का एक दरोगा भी इस सूची में शामिल है। उत्तराखंड के एक विधायक के भाई व बुलंदशहर के कारोबारी के किडनी ट्रांसप्लांट इन्हीं आरोपियों ने कराए।
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मामले में दिल्ली के अस्पताल पीएसआरआई के कोऑर्डिनेटर मिथुन व सुनीता वर्मा सहित फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल की कोऑर्डिनेटर सोनिका की मिलीभगत सामने आई थी। पुलिस ने इन सभी को आरोपी बनाया है। एसआईटी में शामिल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले का खुलासा होने से पहले इन तीनों ने दिल्ली व फरीदाबाद के एक-एक मरीज (रिसीवर) से सौदा पक्का कर लिया था। ये दोनों मरीज व्यवसायी है। दोनों मरीज व उनके परिजन पुलिस का साथ देने को तैयार है। पुलिस कोऑर्डिनेटरों पर शिंकजा कसने को इन्हें सरकारी गवाह बनाने की तैयारी में है।
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लखनऊ से भेजे जाने थे डोनर
जेल में बंद टी राजकुमार और उसके साथी गौरव मिश्रा ने डोनर उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी ली थी। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों रिसीवरों के लिए लखनऊ से डोनर उपलब्ध कराए जाने थे। इसमें दोनों को तीन से चार लाख लाख एक डोनर का दिया जाना था।
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आईएएस से पूछताछ करेगी एसआईटी
रिसीवरों की सूची में आजमगढ़ के आईएएस की पत्नी, विधायक का भाई, कारोबारी और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इन सभी ने किडनी व लिवर खरीदे हैं। इसके लिए फर्जी दस्तावेज भी लगाए हैं। इस फर्जीवाड़े की वजह से ये भी आरोपी बनाए जा सकते हैं। एसआईटी अब आईएएस से पूछताछ करने की तैयारी में है। आईएएस की पत्नी को लखनऊ के कैंपल रोड निवासी रोहित निगम ने किडनी दी थी। एसआईटी जल्द ही आईएएस व डोनर रोहित से पूछताछ करने के लिए लखनऊ जाएगी।
ये हैं शामिल
टी राजकुमार व गौरव मिश्रा के साथ मिलकर जुनैद ने आजमगढ़ के एक आईएएस अधिकारी की किडनी ट्रांसप्लांट करवाई थी। आजमगढ़ का एक दरोगा भी इस सूची में शामिल है। उत्तराखंड के एक विधायक के भाई व बुलंदशहर के कारोबारी के किडनी ट्रांसप्लांट इन्हीं आरोपियों ने कराए।