Chitrakoot Crime: दहेज के लिए बहू को जिंदा जलाया, मां-बेटे को उम्रकैद की सजा, 27 हजार का अर्थदंड भी ठोका
Chitrakoot News: पुलिस विवेचना करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
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चित्रकूट जिले में दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मां बेटे को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 27,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश अपर जिला जज संजय कुमार ने दहेज हत्या के मामले में निर्णय सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया की रैपुरा थाने के अगरहुंडा गांव के निवासी शंकर दयाल ने अपनी बेटी गेंदिया की शादी जून 2016 में पहाड़ी थाने के चिल्ला माफी गांव के निवासी पप्पू पुत्र अवधेश के साथ की थी।
शादी के बाद से पति पप्पू और सास सुशीला दहेज को लेकर उत्पीड़न करते थे। गेंदिया को पति और सास ने 2 अप्रैल 2019 को आग से जला दिया । इसके बाद कुछ दिन तक सतना में इलाज कराने के बाद वापस घर ले आए और इलाज कराना बंद कर दिया।
मई 2019 को गेंदिया की हुई मौत
इस पर वह बेटी को लेकर बांदा इलाज कराने गया, लेकिन वहां इलाज के दौरान मई 2019 को गेंदिया की मौत हो गई। सूचना के बावजूद कोई सुनवाई न होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने धारा 156(3) के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर के आदेश दिए।
उम्रकैद और 27,000 रुपये अर्थदंड की सजा
पुलिस विवेचना करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने निर्णय सुनाया। इसमें आरोपी मां सुशीला और बेटे पप्पू को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 27,000 रुपये का अर्थदंड भी ठोका।