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UP: कानपुर में बना खतरे को भापने वाला रेल इंजन, 20 दिन में पुराने इंजन को बनाया आधुनिक, ये हैं खूबियां

Sun, 25 May 2025 04:06 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 25 May 2025 04:06 PM IST
सार

Kanpur News: वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर राहुल त्रिपाठी ने जीत की ट्राफी लेकर सभी को बधाई दी। कहा कि पिछले साल भी कानपुर लोको शेड के इंजन को दूसरा स्थान मिला था। आधुनिक सेंसर के साथ चालकों को आराम मिलेगा और ट्रेन परिचालन में आसानी होगी।

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Danger sensing rail engine built in Kanpur old engine modernized in 20 days these are its features
बनारस लोकोमोटिव वर्क्स में ट्राफी लेते कानपुर लोको शेड के वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर राहुल त्रिपाठी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में 20 लाख रुपये की लागत से पुराने इंजन को खतरे भापने वाले रेल इंजन में परिवर्तित किया गया है। कई तरह के सेंसर लगे हुए हैं, जिनसे कुछ किलोमीटर पहले ट्रैक पर पशु, ट्रैक्टर ट्रॉली या अन्य अवरोध आते ही अलार्म बज जाएंगे। आग लगने पर भी तत्काल सेंसर कार्य करेंगे। इसमें लोको पायलट की गतिविधियां रिकार्ड हो जाएंगी।

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इंजन को मंडल स्तर पर 17 रेल इंजनों के बीच हुई प्रतियोगिता में देश भर में दूसरा स्थान हासिल हुआ। शनिवार को बनारस लोकोमोटिव वर्क्स में मंडल स्तर पर 17 रेल इंजनों के बीच प्रतियोगिता हुई, जिसमें कानपुर लोको शेड ने यह सफलता हासिल की है। इस प्रतियोगिता में हर लोको शेड से शामिल हुए। चितरंजन, बनारस व पटियाला के मुख्य डिजाइन इंजीनियर की समिति ने पहले इंजनों को परखा।

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Danger sensing rail engine built in Kanpur old engine modernized in 20 days these are its features
कानपुर लोको शेड में तैयार इस इंजन की वजह से मिला मंडल में दूसरा स्थान - फोटो : amar ujala

कानपुर लोको शेड के इंजन को मिला था दूसरा स्थान
फिर ट्रेक्शन के वीपी सिंह ने सभी प्रविष्टियों को देखकर प्रथम तीन सर्वश्रेष्ठ शेड को सम्मानित किया। पहला स्थान लालागुड़ा, दूसरा कानपुर और तीसरा स्थान विशाखापत्तनम शेड के रेल इंजन को मिला। वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर राहुल त्रिपाठी ने जीत की ट्राफी लेकर सभी को बधाई दी। कहा कि पिछले साल भी कानपुर लोको शेड के इंजन को दूसरा स्थान मिला था।

Danger sensing rail engine built in Kanpur old engine modernized in 20 days these are its features
कानपुर सेंट्रल स्टेशन - फोटो : अमर उजाला

20 दिन में पुराने इंजन को बनाया आधुनिक
आधुनिक सेंसर के साथ चालकों को आराम मिलेगा और ट्रेन परिचालन में आसानी होगी। इलेक्टि्रक वाइपर, आटोमेटिक साइड विंडो, सुविधाजनक कैब डेस्क की भी व्यवस्था है। चालक पूरी एकाग्रता से ट्रेन परिचालन कर सकेंगे। उन्हें बार-बार उठने की जरुरत नहीं होगी। चालक कैब पर ही सभी इंडीकेटर्स को लाने से उन्हें यात्रा का ब्योरा ऑटोमेटिक मिलेगा।

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सेफ्टी अलार्म - फोटो : सोशल मीडिया

कई तरह की खूबियां, सेंसर, अलार्म सिस्टम
इंजन में पीले रंग की पेंटिंग, कार जैसे हैंडल और लिडार सेंसर लगे हैं। यह चालक को धुंध में भी अतिरिक्त दृश्यता देंगे। पशु, ट्रैक्टर-ट्राली या कोई अवरोध, आग लगने पर अलर्ट मिलेगा। ट्रैक्शन मोटर में कोई चीज फंसने पर तत्काल अलार्म, दरवाजे लॉक करने में सेंसर का प्रयोग होगा। छत पर लगा कैमरा चालक की संदिग्ध गतिविधियां बताएगा। इंजन के नीचे की स्थिति कैमरे से देख सकते हैं। चालक स्क्रीन पर छूते ही स्टेशन से गुजरने का समय रिकार्ड कर सकेंगे।

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