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Kanpur: डी-टू गैंग के सरगना अतीक पहलवान की आगरा जेल में मौत, भाड़े पर हत्या और वसूली किया करता था

Sat, 08 Jun 2024 01:58 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 08 Jun 2024 01:58 PM IST
सार

Kanpur News: डी-टू गैंग ने साल 1985 से 2005 के बीच कितनी हत्याएं की, इसका सही आंकड़ा किसी के पास नहीं है। हालांकि पुलिस की एक पुरानी रिपोर्ट में दावा किया गया था अतीक और उसके गैंग का संबंध आतंकी दाऊद इब्राहिम से थे।

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D-2 gang leader Atiq Pehalwan dies in Agra jail, used to commit contract killings and extortion
अतीक पहलवान - फोटो : amar ujala

विस्तार

डी-टू गैंग के सरगना अतीक पहलवान की आगरा सेंट्रल जेल में मौत हो गई। उसकी मौत की पुष्टि आगरा के जगदीशपुरा थाना प्रभारी आनंदवीर सिंह ने की। शनिवार को अतीक के शव का पोस्टमार्टम होगा। अनवरगंज के कुली बाजार के रहने वाले अतीक को साल 2007 में पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था।

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तब उस पर दो लाख का इनाम घोषित था। उसके डी-टू गैंग की कभी शहर में तूती बोलती थी। अतीक ने इस गैंग की नींव अपने पांच भाइयों रफीक, शफीक, बिल्लू, बाले और अफजाल के साथ मिलकर रखी थी जो भाड़े पर हत्याएं, वसूली, जमीनों को खाली कराता था। धीरे-धीरे गैंग का सदस्य और दायरा भी बढ़ता गया।

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1998 में जनपदीय स्तर पर अतीक का डी-टू गैंग रजिस्टर्ड हुआ, जो जिले का दूसरा गैंग था। साल 2010 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक बृज लाल इस गैंग को अंतर राज्यीय गैग-273 का दर्जा दे दिया। इस गैंग के शातिरों का नाम एसटीएफ सिपाही धर्मेंद्र सिंह, अधिवक्ता खुर्शीद आलम समेत कई लोगों की हत्या में आया था। कहा जाता है कि अतीक के संबंध शातिर एजाज लक्कड़वाला से भी थे।

दाऊद इब्राहिम से भी थे संबंध
डी-टू गैंग ने साल 1985 से 2005 के बीच कितनी हत्याएं की, इसका सही आंकड़ा किसी के पास नहीं है। हालांकि पुलिस की एक पुरानी रिपोर्ट में दावा किया गया था अतीक और उसके गैंग का संबंध आतंकी दाऊद इब्राहिम से थे।
रफीक और बिल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया था।

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रफीक और बिल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया था
दाऊद इस गैंग की मदद से शहर में अपना बेस तैयार कर यूपी में अपराध का साम्राज्य खड़ा करना चाहता था। हालांकि तत्कालीन सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला और तेजेंद्र सिंह की टीम ने टीम अतीक के भाई रफीक और बिल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया, जिसके बाद इस गैंग की कमर टूट गई थी।

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