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साइबर ठगी: इंटरपोल की मदद से चाइनीज ठग पर शिकंजा कसने का प्रयास, सोशल मीडिया के जरिये करता था संपर्क
Wed, 10 Aug 2022 10:46 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 10 Aug 2022 10:46 AM IST
सार
गिरोह ने उड़ीसा में बालासोर पोर्ट के जीएम से 75 लाख रुपये की ठगी की थी। जिनके खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, उनमें से कुछ लोग गिरफ्तार किए गए थे। गिरोह के मुख्य लोगों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी। कानपुर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी होने पर उड़ीसा के साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र महूंता टीम के साथ मंगलवार को शहर पहुंचे।
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cyber crime
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फर्जी वेबसाइट बनाकर निवेश के नाम पर ठगी करने के मामले में चाइनीज मास्टरमाइंड का नाम सामने आया है। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच को उसके चीन में होने का पता चला है। क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में ई-मेल के जरिये सीबीआई से जानकारी साझा की है। सीबीआई इंटरपोल की मदद से चाइनीज साइबर ठग पर शिकंजा कसने का प्रयास करेगी।
लेदर कारोबारी फैज ने कोतवाली थाने में 11 लाख ठगी का केस दर्ज कराया था। पिछले महीने क्राइम ब्रांच ने ठगी का खुलासा कर चार आरोपियों को जेल भेजा था। क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में ठगी के मास्टरमाइंड के विदेशी होने का पता चला था। वह अपने देश में रहकर सोशल मीडिया के जरिये भारत के लोगों से जुड़ा है।
फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से निवेश करवाता है। रकम गिरोह के स्थानीय सदस्यों के खातों में ट्रांसफर करवाता है। बाद में सदस्य पैसा निकालकर उसके खातों में भेज देते हैं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मास्टर माइंड चीन में बैठा बी बोज नाम का शख्स है। नाम को लेकर अभी भी संशय बरकरार है।
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लेदर कारोबारी फैज ने कोतवाली थाने में 11 लाख ठगी का केस दर्ज कराया था। पिछले महीने क्राइम ब्रांच ने ठगी का खुलासा कर चार आरोपियों को जेल भेजा था। क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में ठगी के मास्टरमाइंड के विदेशी होने का पता चला था। वह अपने देश में रहकर सोशल मीडिया के जरिये भारत के लोगों से जुड़ा है।
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फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से निवेश करवाता है। रकम गिरोह के स्थानीय सदस्यों के खातों में ट्रांसफर करवाता है। बाद में सदस्य पैसा निकालकर उसके खातों में भेज देते हैं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मास्टर माइंड चीन में बैठा बी बोज नाम का शख्स है। नाम को लेकर अभी भी संशय बरकरार है।
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क्राइम ब्रांच ने सीबीआई को एफआईआर समेत मामले का पूरा विवरण ई-मेल किया है। सीबीआई इस जानकारी को इंटरपोल से साझा करेगी। इंटरपोल के माध्यम से चाइनीज एंबेसी को जानकारी साक्षा कर कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा।
उड़ीसा में की थी 75 लाख की ठगी
इसी गिरोह ने उड़ीसा में बालासोर पोर्ट के जीएम से 75 लाख रुपये की ठगी की थी। जिनके खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, उनमें से कुछ लोग गिरफ्तार किए गए थे। गिरोह के मुख्य लोगों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी। कानपुर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी होने पर उड़ीसा के साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र महूंता टीम के साथ मंगलवार को शहर पहुंचे। कोतवाली व क्राइम ब्रांच के अफसरों से केस की जानकारी ली। दोनों केसों के आरोपी एक ही हैं।
उड़ीसा में की थी 75 लाख की ठगी
इसी गिरोह ने उड़ीसा में बालासोर पोर्ट के जीएम से 75 लाख रुपये की ठगी की थी। जिनके खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, उनमें से कुछ लोग गिरफ्तार किए गए थे। गिरोह के मुख्य लोगों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी। कानपुर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी होने पर उड़ीसा के साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र महूंता टीम के साथ मंगलवार को शहर पहुंचे। कोतवाली व क्राइम ब्रांच के अफसरों से केस की जानकारी ली। दोनों केसों के आरोपी एक ही हैं।