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UP Cyber Crime: करोड़ों ठगने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, वर्चुअल करेंसी ट्रेडिंग का देते थे झांसा
Wed, 15 Jun 2022 03:56 PM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Wed, 15 Jun 2022 03:56 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश पुलिस ने वर्चुअल करेंसी की ट्रेडिंग के जरिये करोड़ों की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ दिसंबर 2021 में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी तफ्तीश क्राइम ब्रांच कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में वर्चुअल करेंसी की ट्रेडिंग करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने दबोच लिया है। दोनों से क्राइम ब्रांच के अफसर पूछताछ कर रहे हैं। शहर के दो दर्जन से अधिक लोग ठगी का शिकार हुए हैं। पिछले छह महीने से उनकी तलाश जारी थी। शातिर ठग शहर दर शहर ठिकाना बदल रहे थे।
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गुमटी निवासी अवनीश तोमर ने बीस दिसंबर 2021 को फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें दावा किया था कि कल्याणपुर निवासी बृजेश श्रीवास्तव व उनके बेटे नवनीत उर्फ लकी ने बीते दो वर्षों में उनसे एक करोड़ 45 लाख रुपये वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग करने के लिए थे।
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निवेश के एवज में मोटा मुनाफा देने का दावा किया था। शुरुआत में दस-बारह लाख रुपये वापस भी किए, लेकिन उसके बाद एक भी पैसा वापस नहीं किया। इसी तरह से बर्रा निवासी एक डॉक्टर से 16 लाख और दो अन्य शख्स से 45-45 लाख रुपये पिता-पुत्र ने पार कर दिए थे।
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इसके बाद जब रकम वापस नहीं मिली थी, तब केस दर्ज कराया था। अब यह दोनों पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। पुलिस आरोपियों से विस्तार से पूछताछ कर रही है, जिससे जानकारी मिल सके कि किन-किन लोगों से धोखाधड़ी की और किस तरह से रकम खपाई गई है।
इस तरह पकड़े गए आरोपी
दरअसल पीड़ित लगातार दोनों की खोजबीन कर रहे थे। इस बीच कुछ पीड़ितों को जानकारी मिली कि दोनों उज्जैन में रह रहे हैं। पीड़ित वहां पहुंच गए और नवनीत को पकड़ लिया। इस पर बृजेश ने स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है। स्थानीय थाने चिमनगंज ने तत्काल नवनीत व उसको पकड़ने वालों को हिरासत में ले लिया था। तब पता चला कि नवनीत केस में वांछित है। पकड़ने वाले अपहृता नहीं बल्कि पीड़ित हैं, जिसके बाद चिमनगंज थाने की पुलिस ने कानपुर पुलिस को सूचना दी थी।
दरअसल पीड़ित लगातार दोनों की खोजबीन कर रहे थे। इस बीच कुछ पीड़ितों को जानकारी मिली कि दोनों उज्जैन में रह रहे हैं। पीड़ित वहां पहुंच गए और नवनीत को पकड़ लिया। इस पर बृजेश ने स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है। स्थानीय थाने चिमनगंज ने तत्काल नवनीत व उसको पकड़ने वालों को हिरासत में ले लिया था। तब पता चला कि नवनीत केस में वांछित है। पकड़ने वाले अपहृता नहीं बल्कि पीड़ित हैं, जिसके बाद चिमनगंज थाने की पुलिस ने कानपुर पुलिस को सूचना दी थी।
बेहद शातिर है नवनीत, नहीं खोल रहा जुबान
नवनीत ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। लेकिन, ठगी का वह मास्टरमाइंड है। वर्चुअल करेंसी की ट्रेडिंग में वह मास्टर है। पूछताछ में वह जुबान नहीं खोल रहा है। इंटरनेट के जरिये पूरा खेल उसने सीखा। पीड़ितों का दावा है कि उसने दस करोड़ से अधिक की ठगी की है। हैरानी की बात ये है कि वह यह तक नहीं बता रहा है कि उसका वर्चुअल ट्रेडिंग का एकाउंट व उसका पासवर्ड क्या है। भूल जाने का बहाना कर रहा है। अफसर उससे जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।