शर्मनाक: पुलिस की लीपापोती में बच गए मां-बेटे की मौत के गुनहगार, नो एंट्री में घुसे ट्रक से कुचलकर गई थी जान
एफआईआर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर की जांच और कंट्रोलरूम में हादसे का समय अलग-अलग मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे फाइल बंद कर दी गई।
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एफआईआर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर की जांच और कंट्रोलरूम में हादसे का समय अलग-अलग मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे फाइल बंद कर दी गई। इधर, एडीसीपी ट्रैफिक निखिल पाठक ने जांच अफसरों के सुपुर्द कर दी है। सोमवार को उनका तबादला भी हो गया।
14 जुलाई को ट्रक से कुचलकर शिक्षिका ऊषा देवी और उनके बेटे सौरभ की मौत हो गई थी। एफआईआर के मुताबिक हादसा शाम 5:15 बजे हुआ था। ये समय बेहद अहम था, क्योंकि नो एंट्री में दौड़ रहे ट्रक का जो पास था, उसकी समयावधि शाम पांच बजे तक की थी।
बाल की खाल उधेड़ती रही पुलिस
हादसे के दिन आईटीएमएस और स्मार्ट सिटी के तहत नरौना चौराहे पर लगाए गए कैमरे बंद थे। इससे हादसे की फुटेज नहीं मिली। अगर सीसीटीवी फुटेज मिल जाती तो हादसे का समय स्पष्ट हो जाता। उधर, पुलिस की जांच में सामने आया कि बाइक चला रहे सौरभ के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। यह बताकर भी पुलिस में मामले को कमजोर करने की कोशिश की।
जांच में हादसे का समय स्पष्ट नहीं हो सका। इसलिए जांच परिणाम तक नहीं पहुंच सकी। दो बार तथ्यों को जुटाया गया। अब फाइल बंद कर दी गई है। जांच रिपोर्ट अफसरों को भेज दी गई है।
निखिल पाठक, पूर्व एडीसीपी ट्रैफिक