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यूपीः परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले व्हाट्सएप पर वायरल हुआ सीटेट का पर्चा, दो गिरफ्तार
Tue, 10 Dec 2019 02:35 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:35 AM IST
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार को हुआ सीटेट (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का पेपर परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले ही व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। जिन दो लोगोें के व्हाट्सएप पर पर्चा आया, एसटीएफ ने सोमवार को उन्हें कानपुर में चकेरी से गिरफ्तार कर लिया। दोनों यहां परीक्षा देने आए थे। एक आरोपी जालौन के कॉलेज का प्रबंधक है तो दूसरा इसी कॉलेज में बीटीसी का छात्र है।
पूछताछ में पता चला कि यह पर्चा प्रयागराज के बीटीसी संघ के नेता ने लीक कराया है। इसके लिए प्रबंधक से पांच लाख रुपये में सौदा हुआ है। गिरोह के सरगना एवं बीटीसी संघ के नेता की तलाश में एक टीम प्रयागराज रवाना हो गई है।
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पूछताछ में पता चला कि यह पर्चा प्रयागराज के बीटीसी संघ के नेता ने लीक कराया है। इसके लिए प्रबंधक से पांच लाख रुपये में सौदा हुआ है। गिरोह के सरगना एवं बीटीसी संघ के नेता की तलाश में एक टीम प्रयागराज रवाना हो गई है।
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एसटीएफ कानपुर इकाई के इंस्पेक्टर घनश्याम यादव ने बताया कि पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद सब्जी मंडी रामादेवी से गणेशनगर, रेंढर, जालौन निवासी धीरज द्विवेदी उर्फ गोपाल व गालमपुरा, माधौगढ़ जालौन के चंद्रपाल उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया गया।
धीरज जालौन के जगम्मनपुर में स्थित पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय का प्रबंधक है। चंद्रपाल इसी कॉलेज से बीटीसी कर रहा है। पूछताछ में पता चला कि धीरज जालौन का सरगना है। उसी ने पर्चा लीक कराने के लिए बीटीसी संघ के नेता आलोक सेंगर से समझौता किया था।
रविवार को परीक्षा से ठीक पहले दोनों के पास पर्चा आ भी गया। हालांकि यह भी पता चला है कि धीरज ने कॉलेज के अन्य छात्रों के पास भी पर्चा भेजा है। इस बारे में भी छानबीन की जा रही है।
धीरज जालौन के जगम्मनपुर में स्थित पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय का प्रबंधक है। चंद्रपाल इसी कॉलेज से बीटीसी कर रहा है। पूछताछ में पता चला कि धीरज जालौन का सरगना है। उसी ने पर्चा लीक कराने के लिए बीटीसी संघ के नेता आलोक सेंगर से समझौता किया था।
रविवार को परीक्षा से ठीक पहले दोनों के पास पर्चा आ भी गया। हालांकि यह भी पता चला है कि धीरज ने कॉलेज के अन्य छात्रों के पास भी पर्चा भेजा है। इस बारे में भी छानबीन की जा रही है।
जो पर्चा लीक, वही आया
एसटीएफ के मुताबिक प्रयागराज निवासी आलोक सेंगर पेपर आउट कराने के गिरोह का सरगना है। उसका साथी प्रिंस भी सक्रिय है। इंस्पेक्टर घनश्याम यादव ने बताया कि धीरज व चंद्रपाल भी परीक्षा में शामिल हुए थे। धीरज का सुपर इंटरनेशनल स्कूल उन्नाव व चंद्रपाल का एयरफोर्स स्कूल चकेरी में सेंटर था। आलोक ने दोनों को प्रश्नपत्र-पांच उपलब्ध कराया था। यही प्रश्नपत्र परीक्षा में भी आया। सौदा पांच लाख में हुआ था, धीरज ने आलोक को 87 हजार रुपये दे भी दिए हैं।
एसटीएफ के मुताबिक प्रयागराज निवासी आलोक सेंगर पेपर आउट कराने के गिरोह का सरगना है। उसका साथी प्रिंस भी सक्रिय है। इंस्पेक्टर घनश्याम यादव ने बताया कि धीरज व चंद्रपाल भी परीक्षा में शामिल हुए थे। धीरज का सुपर इंटरनेशनल स्कूल उन्नाव व चंद्रपाल का एयरफोर्स स्कूल चकेरी में सेंटर था। आलोक ने दोनों को प्रश्नपत्र-पांच उपलब्ध कराया था। यही प्रश्नपत्र परीक्षा में भी आया। सौदा पांच लाख में हुआ था, धीरज ने आलोक को 87 हजार रुपये दे भी दिए हैं।
गिरोह का जाल प्रदेश भर में फैला हुआ है। मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आशंका है कि अभी बड़े खुलासे होंगे। कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। - राजीव नारायण मिश्र, एसएसपी, एसटीएफ