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UP: बीटेक-बीसीए छात्रों में बढ़ रहा तनाव, अध्यात्म से दूर होगी एंजाइटी और आत्महत्या की प्रवृत्ति, CSJMU का शोध

Sun, 31 May 2026 11:10 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 31 May 2026 11:10 AM IST
सार

Kanpur News: सीएसजेएमयू के शोध में पाया गया कि आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता रखने वाले बीटेक-बीसीए छात्रों में तनाव और एंजाइटी का स्तर कम होता है। विशेषज्ञों ने शिक्षण संस्थानों में योग, ध्यान और काउंसलिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी है।

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CSJMU Kanpur Research Rising Stress Among BTech and BCA Students Spirituality Can Alleviate Anxiety
सीएसजेएमयू - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में बीटेक और बीसीए करने वाले छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य पर छत्रपति शाहूजी महाराज विवि ने अध्ययन किया है। इसमें पता चला कि जिन छात्रों का अध्यात्म की ओर रुझान है, उनमें पढ़ाई के दौरान उपजने वाली चिंता (एंजाइटी), तनाव, भावनात्मक असंतुलन और मानसिक दबाव बहुत कम है।

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अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया कि आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता से चिंता कम होने से छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति नहीं पैदा होगी और अवसाद से बचेंगे। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंडियन साइकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन शिक्षा विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विमल सिंह की देखरेख में शोध छात्रा शुभी रस्तोगी ने किया है।

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151 स्नातक विद्यार्थियों को शामिल किया
अध्ययन में विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत बीटेक एवं बीसीए पाठ्यक्रमों के 151 स्नातक विद्यार्थियों को शामिल किया गया। अध्ययन के लिए परपजिव सैंपलिंग एवं रैंडम सैंपलिंग तकनीक का उपयोग किया गया। साथ ही केएस मिश्रा स्प्रिच्युअल इंटेलिजेंस स्केल, एंजाइटी स्केल का प्रयोग किया गया।

स्प्रिच्युअल इंटेलिजेंस का स्तर अधिक था
आंकड़ों का विश्लेषण एसपीएसएस सॉफ्टवेयर एवं पियर्सन कोरिलेशन तकनीक से किया गया। अध्ययन में पाया गया कि जिन विद्यार्थियों में स्प्रिच्युअल इंटेलिजेंस का स्तर अधिक था, उनमें एंजाइटी का स्तर अपेक्षाकृत कम पाया गया। जिन छात्रों में आध्यात्मिक जागरूकता, आत्मबोध, मूल्य आधारित सोच एवं भावनात्मक संतुलन अधिक था।

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विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त नहीं
उनमें चिंता एवं मानसिक तनाव का स्तर कम पाया गया। अध्ययन में यह भी बताया गया कि सिर्फ शैक्षणिक उपलब्धियां विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त नहीं हैं। शिक्षा व्यवस्था में इमोशनल वेल बीइंग, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता तथा आध्यात्मिक विकास को समान महत्व दिए जाने की आवश्यकता है।

शैक्षणिक दबाव, भविष्य की चिंता तनाव के अहम कारण
अध्ययन में विद्यार्थियों में एंजाइटी के प्रमुख कारणों में शैक्षणिक दबाव के साथ भविष्य की चिंता, सामाजिक प्रतिस्पर्धा, पारिवारिक अपेक्षाएं मिली हैं। डिजिटल जीवनशैली भी एक कारण मिला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में आध्यात्मिकता आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

स्प्रिच्युअल इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक आयाम
साथ ही, काउंसलिंग सर्विस, योग और ध्यान के अभ्यास आदि भी सुनिश्चित होने चाहिए।  शोध के अगुवा डॉ. सिंह ने कहा कि स्प्रिच्युअल इंटेलिजेंस केवल धार्मिक अवधारणा नहीं बल्कि यह व्यक्ति के आत्मबोध, जीवन मूल्यों, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक आयाम है।

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