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राज्यपाल की रोक के बाद भी भर्ती

Thu, 30 Apr 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Thu, 30 Apr 2015 02:09 AM IST
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों की सीधी भर्ती पर राज्यपाल राम नाईक ने रोक लगा रखी है, फिर भी असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की नियुक्ति के विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए 16 मई तक आवेदन फार्म मांगे गए हैं, फिर स्क्रीनिंग, इंटरव्यू और इंटरव्यू के रिजल्ट घोषित करने की कार्रवाई शुरू होगी।
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अब पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल से की गई है। शिकायतकर्ताओं ने कहा है किराज्यपाल के सख्त आदेश के बाद भी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एंड मानीटरिंग (डैम) ने मनमानी की और शिक्षकों के भर्ती के विज्ञापन जारी कर दिए हैं। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। दिसंबर 2014 से कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की सीधी भर्ती शुरू हुई।
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जो इंटरव्यू हुए, उसमें गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे। इस मामले को संज्ञान लेकर ही राज्यपाल राम नाईक ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। साथ ही आदेश जारी करके कहा कि अगले आदेशों तक शिक्षकों की सीधी भर्ती नहीं होगी। पुराने मामले की जांच पूरी हो चुकी है लेकिन अभी राज्यपाल का फैसला नहीं आया है।
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इस संबंध में राज्यपाल को भेजी गई शिकायत की एक प्रति अमर उजाला को भी मिली है। उसमें शिकायतकर्ताओं का आरोप  है कि इससे पहले ही राज्यपाल के आदेश को दरकिनार करते हुए शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया है।

डैम ने कहा है कि कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध लखीमपुर खीरी कृषि महाविद्यालय का संचालन इसी सत्र (2015-16) से होना है। इसलिए शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है। कृषि विश्वविद्यालय के सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ही कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं।


राज्यपाल ने जनवरी 2015 में ही शिक्षकों की सीधी भर्ती और बोर्ड आफ मैनेजमेंट (बीओएम) की मीटिंग पर अगले आदेशों तक रोक लगाई है। इसके बावजूद विज्ञापन निकालकर राज्यपाल को खुली चुनौती देने की कोशिश की जा रही है। पहले से शुरू शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का विवाद अभी तक नहीं सुलझ सका है। इसलिए मामले में राज्यपाल को हस्तक्षेप की मांग की गई है।
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