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मासूमों से निर्दयता: मां-बाप को नहीं सौंपे बच्चे, अब राजकीय बाल गृह में होगा पालन, DM ने साथ कराया भोजन

Fri, 19 May 2023 08:34 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 19 May 2023 08:34 AM IST
सार

Kanpur Dehat: सलावतपुर गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई थी। नशे की हालत में पिता ने बच्ची के हाथ को दीवार में रगड़ कर उसका सिर भेड़ दिया। ऐसा ही कुछ हाल बेटे को भी हुआ।

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Cruelty to innocents in Kanpur dehat, Children not handed over to parents, will now be reared in state childre
कानपुर देहात निर्दयता की हद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर देहात में अकबरपुर के सलावतपुर गांव में निर्दयी माता-पिता के आपसी विवाद में दो मासूम बच्चों को यातनाएं झेलनी पड़ीं। अब दोनों बच्चे माता-पिता के बजाय राजकीय बाल गृह (शिशु) लखनऊ में रहेंगे। इसके लिए बाल कल्याण समिति ने आदेश जारी कर दिया है।

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सलावतपुर गांव निवासी शिवशंकर उर्फ लाली के परिवार में पत्नी मीसा, बेटा लवकुश (5) और बेटी मुस्कान (7) है। 14 मई को शिवशंकर ने बेटी व बेटे के हाथ की उंगलियों को दीवार में रगड़ कर उनका सिर लड़ा दिया था। यह सब देख मीसा कहीं चली गई थी।
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कुछ देर बाद शिवशंकर भी घर में ताला डालकर निकल गया था। इसके बाद से बच्चे भूखे पेट गांव में ही भटक रहे थे। बुधवार को सीएचसी अकबरपुर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता और यूनिसेफ की प्रिया शर्मा दोनों बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचीं थीं।

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नशे में धुत होकर बच्चों को लेने पहुंचा
वहां उपचार के बाद दोनों ही बच्चों को डीएम नेहा जैन के पास ले जाया गया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के सामने बच्चे पेश किए गए। देर रात पुलिस के माध्यम से शिवशंकर को बुलाया गया। वह नशे में धुत होकर पहुंचा, तो समिति ने बच्चे उसे देने से इन्कार कर दिया।

राजकीय बाल गृह में रहेंगे बच्चे
गुरुवार को दोनों बच्चों का अकबरपुर सीएचसी में मेडिकल परीक्षण हुआ। इसके बाद लखनऊ स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) भेजने का निर्णय समिति की ओर से लिया गया। बता दें कि एसडीएम का कहना है कि माता-पिता को समझाने का निष्कर्ष नहीं निकला है।

डीएम ने बच्चों को साथ कराया भोजन
एसडीएम अकबरपुर की ओर से नए कपड़े दिलवाने के बाद दोनों ही बच्चे खुश नजर आए। बुधवार रात दोनों बच्चों ने डीएम नेहा जैन के आवास में बिताई। डीएम ने दोनों बच्चों को अपने साथ भोजन भी कराया।

गुरुवार रात पिता नशे की हालत में बच्चों को लेने आया था। इस वजह से उन्हें बच्चे नहीं दिए गए। अब दोनों ही बच्चों का पालन पोषण राजकीय बाल गृह (शिशु) लखनऊ में होगा। बाल कल्याण समिति की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं।  -चंद्रभूषण सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी

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